आज महाहड़ताल, सरकार भी तैयार, आप भी रखें इन बातों का ध्यान

Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। आज देशभर में महाहड़ताल है। इस महाहड़ताल का मुकाबला करने के लिए सरकार भी तैयारी में है और आज घर से किसी काम के लिए निकलते समय आप भी कुछ बातों का ध्यान रखें। देश की दस ट्रेड यूनियनों ने इस महाहड़ताल का आह्वान किया है और इसमें लगभग 18 करोड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना है।

जाहिर है कि आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई जरूरी सेवाएं इससे प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें बैंकिंग, सार्वजनिक परिवहन और दूरसंचार सेवाएं मुख्य रूप से शामिल हैं।

READ ALSO: दो सिंतबर को भारत होगा बंद: जानिए क्या खुलेगा और क्या होगा बंद?

strike

सरकार की तैयारी

केंद्र सरकार ने भी महाहड़ताल का मुकाबला करने के लिए कमर कस ली है। देशव्यापी हड़ताल का सार्वजनिक सुविधाओं और रोजमर्रा की अनिवार्य सेवाओं पर प्रभाव न पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने अपने सभी मंत्रालयों को उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

भारतीय रेल और केंद्र सरकार के कर्मचारी हड़ताल पर नहीं

ऐसा माना जा रहा है कि भारतीय रेल और केंद्र सरकार के कर्मचारी इस महाहड़ताल में शामिल नहीं होंगे। सातवें वेतन आयोग को लागू करने की उनकी मांग पर सरकार ने एक समिति बना दी है।

आपकी तैयारी - निजी वाहन हो तो उसका उपयोग करें

आज महाहड़ताल है तो आप भी घर से निकलते समय यह ध्यान रखें कि सार्वजनिक परिवहन बाधित रहने की वजह से उपलब्ध मेट्रो जैसे साधनों में भीड़ हो सकती है। बड़े शहरों में ऑटो रिक्शा यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है इसलिए दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में दिक्कतें पेश आएंगी। अगर आपके पास निजी वाहन हो तो उसका उपयोग करना सर्वोत्तम होगा।

बैंकों का कामकाज ठप रहने की संभावना

महाहड़ताल में सरकारी बैंक कर्मी भी शामिल हो रहे हैं। इसलिए अधिकांश सरकारी बैंकों में कामकाज आज ठप रहने की संभावना है। निजी बैंक खुले रहेंगे। एटीएम में भी पैसे खत्म हो सकते हैं। इसलिए पैसे निकालने की जरूरत हो तो जितनी जल्दी हो सके एटीएम का इस्तेमाल करना ठीक रहेगा।

सरकारी अस्पताल की नर्सें भी हड़ताल पर

देशभर के सरकारी अस्पतालों के नर्सों ने भी इस महाहड़ताल में शामिल होने का फैसला लिया है। इसलिए सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावित होने की पूरी संभावना है। ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडेरेशन की प्रवक्ता का कहना है कि सिर्फ गंभीर मामलों को ही नर्सें एटेंड करेंगीं।

READ ALSO: वनइंडिया एक्सक्लूसिव: जियो से जुड़ी अनसुनी बातें

महाहड़ताल की वजह

ट्रेड यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार ने उनके 12 सूत्रीय मांगों के प्रति सही रवैया नहीं अपनाया। उनकी प्रमुख मांगें हैं - न्यूनतम मासिक वेतन 18000 रुपए, कम मंहगाई और 3000 रुपए का मासिक पेंशन। वे श्रम कानूनों में बदलावों का विरोध कर रहे हैं और सरकार पर श्रमिक विरोधी होने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को महाहड़ताल करने का ऐलान किया है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
On Friday, approx eighteen crore employees of India is on strike and many necessary services is likely to be hampered by this strike.
Please Wait while comments are loading...