गोवा मुद्दे पर राज्यसभा में कांग्रेस का हंगामा, राज्यपाल पर लगाया आरोप

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नई दिल्ली। गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने में विफल रही कांग्रेस ने राज्यसभा में आज जमकर हंगामा किया। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने गठबंधन की सरकार बनाने में अपने संसदीय जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया है।

उपसभापति ने कहा विशेष प्रस्ताव लाइए

उपसभापति ने कहा विशेष प्रस्ताव लाइए

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह संसद में रूल नंबर 267 के तहत इस मुद्दे को उठाना चाहते हैं, वह चाहते थे कि आज की कार्रवाई को स्थगित करके इस मुद्दे पर चर्चा की जाए। लेकिन दिग्विजय सिंह की इस मांग पर उपसभापति पीजे कूरियन ने आपत्ति जताते हुए कहा कि राज्यपाल के बारे में चर्चा की जा सकती है लेकिन यह सिर्फ नियम 267 के तहत हो सकता है, वह इस नियम के अलावा राज्यपाल के मुद्दे पर चर्चा की इजाजत नहीं दे सकते हैं, उन्होंने कहा कि इसके लिए आप विशेष प्रस्ताव लेकर क्यों नहीं आते हैं।

तमाम कांग्रेस के सांसदों ने की बहस की मांग

तमाम कांग्रेस के सांसदों ने की बहस की मांग

दिग्विजय सिंह की मांग को कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी राज्यसभा में अपना समर्थन दिया, कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की, इन तमाम नेताओं ने इस मांग को लेकर उपसभापति के वेल में जाकर अपनी मांग को रखा, इन लोगों ने नारे लगाए कि लोकतंत्र की हत्या बंद करो, बंद करो। तमाम नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

नकवी बोले बहस के लिए तैयार

नकवी बोले बहस के लिए तैयार

वहीं इस पूरे मुद्दे पर भाजपा के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है, अगर कांग्रेस विशेष मोशन लेकर आती है तो हम चर्चा करने के लिए तैयार हैं। आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस ने केंद्र की ओर से गोवा में सरकार बनाने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया था ताकि गठबंधन की सरकार बनाने में वह अपनी अहम भूमिका निभाएं। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि राज्यपाल ने कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया बावजूद इसके कि कांग्रेस वहां सबसे बड़ी पार्टी थी।

कांग्रेस नेताओं ने दिग्विजय सिंह पर लगाया आरोप

कांग्रेस नेताओं ने दिग्विजय सिंह पर लगाया आरोप

आपको बता दें कि गोवा में मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में भाजपा ने सरकार का गठन किया है, कांग्रेस के नेताओं ने दिग्विजय सिंह पर आलसी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था, नेताओं का आरोप है कि एमजीपी और जीपीएफ के साथ गठबंधन की बात करने में दिग्विजय सिंह ने देरी की जिसके चलते कांग्रेस को सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी बहुमत नहीं मिल सका। कांग्रेस के पास गोवा में 40 विधानसभा सीटों में से 17 सीटें है, वहीं भाजपा के पास यहां सिर्फ 13 सीटें थे, बावजूद इसके भाजपा ने अन्य दलों के साथ गठबंधन करने में सफल हुई और यहां पर्रिकर की अगुवाई में सरकार बनाई।

फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस के पास सिर्फ 16 सीटें

फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस के पास सिर्फ 16 सीटें

गुरुवार को गोवा विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में पर्रिकर ने फ्लोर टेस्ट में जीत हासिल की, उनके पक्ष में 22 विधायकों ने अपना मत दिया। बहुमत साबित करने का बाद पर्रिकर ने कहा कि कांग्रेस के पास उस वक्त भी नंबर नहीं था जब वह कोर्ट गई थी लेकिन आज सदन में यह साबित हो गया कि उनके पास 17 विधायक भी नहीं हैं, उनके पास सिर्फ 16 विधायक ही हैं। हमने दिग्विजय सिंह के झूठे दावे का पर्दाफाश किया है।

कांग्रेस के विधायक ने दिया इस्तीफा

कांग्रेस के विधायक ने दिया इस्तीफा

इसके अलावा कांग्रेस पार्टी को गोवा में अपने ही विधायक के विद्रोह का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस विधायक विश्वजीत राणे ने खुद को फ्लोर टेस्ट से दूर रखा और इसमें हिस्सा नहीं लिया, इसके बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसकी वजह गोवा में कांग्रेस की खराब असफलता को बताया है।

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English summary
Digvijaya Singh demand discussion on Goa issue in Rajya Sabha. Many congress leader create ruckus over Goa issue.
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