500 और 1000 के नोट बंद होने से मंदिरों में परेशान भक्‍त, नहीं मिल रहा प्रसाद

धार्मिक स्‍थलों पर भक्‍तों को प्रसाद खरीद पाने में भी समस्‍या का सामना करना पड़ रहा है।

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बेंगलुरू। 500 और 1000 के नोटों को अमान्‍य घोषित किए जाने के बाद सिर्फ पेट्रोल पंप पर ही नहीं बल्‍कि मंदिरों में भी अफरा-तफरी का माहौल है। जी हां धार्मिक स्‍थलों पर भक्‍तों को प्रसाद खरीद पाने में भी समस्‍या का सामना करना पड़ रहा है। 500-1000 के नोट बंद होने से अब हर किसी के पास होगा घर, जानिए कैसे?

Devotees denied prasad at Dharmasthala for not tendering Rs 100 note

ऐसा इसलिए क्‍योंकि ज्‍यादातर भक्‍त बड़े नोटों (500 और 1000 के नोट) के साथ धर्म स्‍थलों पर पहुंचते हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की आधी रात के बाद से 500 और 1000 के नोटों को कानूनन अमान्‍य घोषित करने का ऐलान कर दिया है।
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मंदिरों के पास होटलों में भी नहीं चल रहे हैं नोट

अलग-अलग धार्मिक स्‍थलों पर पहुंचे श्रृद्धालुओं ने शिकायत की है कि मंदिरों के आस-पास स्थित होटलों में 500 और 1000 के नोट नहीं चल रहे हैं जिसके चलते उन्‍हें रूम लेने में समस्‍या हो रही है। कई लोग तो सुब‍ह से भूखे हैं क्‍योंकि उनके पास 100 के नोट नहीं हैं।

दुकानदार भी हैं परेशान

दुकानदारों के लिए भी समस्‍या है क्‍योंकि उनके पास चेंज देने के पैसे नहीं है। उनका कहना है कि उनके पास समय नहीं है कि वो बैंक जाकर नोट को बदलें। वहीं उनका यह भी कहना है कि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि बैंक कितने पैसों को बदलेगा और कितनों को नहीं। इसलिए हमने 500 और 1000 का नोट लेना बंद कर दिया है।

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English summary
It seems as though the devotees at Dharmasthala are having a tough time getting their prasada.
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