खतरे में पाक की लाइफ-लाइन: भारत तोड़ेगा सिंधु-जल समझौता? PM मोदी ने बुलाई बैठक

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नई दिल्ली। उरी आतंकी हमले के बाद से भारत का गुस्सा पाकिस्तान पर चरम सीमा पर है,  इस बात को पीएम नरेन्द्र मोदी भी अच्छी तरह से जानते हैं और इसी वजह से आज वो एक बड़ा फैसला भी ले सकते हैं।

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ऐसी खबरें हैं कि भारत अब एक बार फिर से भारत-सिंधु जल समझौते के बारे में सोच सकता है और इसी कारण आज पीएम मोदी ने जल संसाधन और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें सिंधु नदी के पाानी की समीक्षा की  जायेगी।

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कुछ मीडिया तंत्रों के मुताबिक विदेश मंत्रालय से ऐसे संकेत मिले हैं कि भारत इस समझौते को रद्द कर सकता है और अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान का एक बहुत बड़ा हिस्सा पानी के लिए तरसने लगेगा।

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आपको बता दें कि सिंधु नदी जम्मू-कश्मीर से होकर पाकिस्तान में बहती है, भारत ही पाकिस्तान को सिंधु नदी का पानी देता है। सिंधु पाकिस्तान की लाइफ-लाइन कही जाती है क्योंकि इसी की पानी की वजह से पाकिस्तान की खेती, सिंचाई और दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं।

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आपको बता दें कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के मुद्दे पर होने वाली यह बैठक आज सुबह पीएम आवास पर होगी, जिसमें जल संसाधन मंत्री उमा भारती भी शामिल होंगी।

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सिंधु-जल समझौता

  • 19 सितंबर 1960 में इंडिया और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता हुआ था। 
  • ये समझौता तत्का्कालीन भारत के प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान ने मिलकर किया था।
  • समझौते के मुताबिक भारत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम, चिनाब, सतलुज, व्यास और रावी नदी का पानी देता है। 
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English summary
After Uri Terror Attack, Prime Minister Narendra Modi has called a meeting Monday of the departments concerned with implementation of the Indus Waters Treaty with Pakistan.
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