नोटबंदी के कारण सदानंद गौड़ा भी परेशान, नहीं चुका पाए मृत भाई के अस्पताल का बिल

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बेंगलुरु। नोटबंदी के कारण केवल आम आदमी परेशान नहीं है बल्कि इसकी मार खास पर भी है जिसका साक्षात उदाहरण हैं केंद्रीय मंत्री सदानंद गौड़ा, जो अपने मृत भाई के अस्‍पताल का बिल पुराने नोटों के कारण चुका नहीं पाए।

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Demonetisation: Sadananda Gowda faces trouble retrieving brother's body from hospital

गौरतलब है कि सदानंद गौड़ा के भाई भास्कर गौड़ा का मंगलवार को मंगलौर के एक निजी अस्पताल में देहांत हो गया था, वो जॉन्डिस से पीड़ित थे और पिछले दस दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। भाई के निधन की सूचना पाते ही सदानंद गौड़ा तुरंत अस्पताल पहुंचे और अपने भाई के अस्पताल खर्चे के बिल का भुगतान पुरानी करेंसी से करना चाहा, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने पुराने नोट लेने से मना कर दिया।

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ऐसे में गौड़ा का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया, उन्होंने मीडिया को बताया कि अस्पताल प्रशासन से लिखित में उन्होंने जानकारी मांगी है कि क्यों पुरानी करेंसी लेने से उन्होंने मना किया, हालांकि बाद में अस्पताल प्रशासन ने चेक के जरिए बिल की रकम ले ली।

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मालूम हो कि सरकार के आदेशानुसार 24 नवंबर तक केवल सरकारी अस्पतालों को ही पुरानी करेंसी लेने का आदेश है, गौड़ा के भाई का निधन तो निजी अस्पताल में हुआ था।

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English summary
The woes of demonetization hit Union Minister DV Sadananda Gowda after the death of his brother Bhaskar Gowda on Tuesday.Bhaskar died of jaundice on Tuesday at a private hospital in Mangaluru.
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