पति दे सकता है तलाक अगर पत्नी ने की उसके बॉस से शिकायत: कोर्ट

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक केस की सुनवाई करते हुए कहा कि जब कोई महिला अपने पति के खिलाफ उसके बॉस से शिकायत करती है तो इस प्रकार की हरकत मानसिक क्रूरता के दायरे में आती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अपनी पत्नी को तलाक देने के लिए भी यह एक ठोस आधार है।

court

यह फैसला जस्टिस प्रदीप नंदराज योग और जस्टिस प्रतिभा रानी की पीठ ने तलाक के एक केस पर सुनवाई करते हुए दिया। इस मामले में व्यक्ति की पत्नी ने पारिवारिक अदालत द्वारा मानसिक क्रूरता के आधार पर दिए गए तलाक को चुनौती दी थी।

लंबे वक्त तक बिना वजह के शारीरिक संबंध से इनकार, करा सकता है तलाक

महिला के आरोपों को झूठा करार दिया

कोर्ट ने कहा कि महिला ने पति के ऑफिस में जाकर उसके बॉस से पति की झूठी शिकायत की, जिसकी वजह से वह व्यक्ति अवसाद ग्रस्त हो गया। महिला ने ऑफिस में हंगामा भी किया। इसका असर व्यक्ति की नौकरी और उसकी पदोन्नती पर भी पड़ता है। साथ ही कोर्ट ने पत्नी की तरफ से पति द्वारा पीटे जाने, शराब पीने, ड्रग्स लेने जैसे सभी आरोपों को झूठा करार दिया।

तलाक, तलाक, तलाक पर मुस्लिम बोर्ड ने कहा- इससे कत्ल नहीं होते

पति-पत्नी में शारीरिक संबंध न होना भी तलाक का आधार

अगर लंबे वक्त से बिना किसी ठोस वजह के पति-पत्नी के बीच में शारीरिक संबंध ना बनें तो ये तलाक की वजह हो सकती है। एक केस की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट मे कहा कि जीवन साथी द्वारा बगैर पर्याप्त कारण के यौन संबंध बनाने से लंबे समय तक इनकार मानसिक यातना के बराबर है और यह तलाक का आधार हो सकता है।

रोका प्रथा नहीं बल्कि सामाजिक बुराई, होता है गुलामों सा बर्ताव: दिल्‍ली हाईकोर्ट

9 साल से नहीं बने संबंध

इस केस में एक पति को अपनी पत्नी से कोई शारीरिक सुख नहीं मिला, जबकि दोनों की शादी को 9 साल हो चुके थे। उल्टा पत्नी ने पति के ऊपर मार-पीट और शराब पीने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने कहा कि ये सभी कार्य व्यक्तिगत रूप से और कुल मिलाकर पति के साथ निर्दयता से पेश आने के बराबर है, इसलिए इस शादी को रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि ये शादी तो हुई ही नहीं।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
court said that complain to the boss of husband is also a cruelty
Please Wait while comments are loading...