बीजेपी को कबूल करने के सवाल पर मुसलमान

Posted By: BBC Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi

जामा मस्जिद में ईद की नमाज़ अदा करते हुए मुसलमान
Getty Images
जामा मस्जिद में ईद की नमाज़ अदा करते हुए मुसलमान

पंजाब में कांग्रेस ने एक बार फिर से सत्ता में वापसी की है.

साल 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के दंगों में हज़ारों सिख मारे गए थे.

उसके बाद समझा गया कि सिख समुदाय लंबे समय तक कांग्रेस से नाराज़ रहेगा.

मुस्लिम
Getty Images
मुस्लिम

लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस कई बार पंजाब में सरकार बना चुकी है. एक समय 'सिख विरोधी' छवि का आरोप झेल चुकी कांग्रेस सिख बहुल राज्य में समर्थन हासिल करने में कामयाब रही. अगर ऐसा है तो क्या मुसलमान भी बीजेपी के साथ आ सकते हैं? सवाल इसलिए भी लाज़िमी है क्योंकि हाल ही में संपन्न हुए यूपी चुनाव में भाजपा ने एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दी थी.

बीबीसी हिन्दी ने इसी सवाल को फ़ेसबुक पर अपने 'कहासुनी' मंच के माध्यम से लोगों की राय पूछी थी. इस सवाल पर सैकडों लोगों ने अपनी राय दी. इस सवाल पर लोगों की दो टूक राय आप भी यहां पढ़ें.

भाजपा की जीत का मतलब क्या निकालें मुसलमान?

नज़रिया: मोदी के 'सब का साथ' में कहां हैं मुसलमान?

पचास साल में पंजाब की पहली मुस्लिम मंत्री

जामा मस्जिद में ईद के मौके पर मुसलमान
AP
जामा मस्जिद में ईद के मौके पर मुसलमान

आफ़ताब आलम ने लिखा, "मुसलमान भाजपा से जुड़ना चाहते हैं, पर मुश्किल यह है कि वह विवादित मुद्दे उठा लेती है और लोग उससे दूर हो जाते हैं. भाजपा के नेताओं के बयान कटे पर नमक छिड़कने जैसे होते हैं. पर सच्चाई यह भी है कि धर्मनिरपेक्ष पार्टियों से मुसलमानों का मोह भंग होने लगा है."

गुरप्रीत सिंह ने लिखा, "असली सिख कभी भी कांग्रेस को मंज़ूर नहीं करेंगे. कुछ लोग पंजाब में लालच में आकर कांग्रेस का समर्थन करने लगे हैं."

स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालु
AFP
स्वर्ण मंदिर में श्रद्धालु

फ़ैसल मिथानी का मानना है, ''पंजाब के सिखों ने कांग्रेस का समर्थन इसलिए किया है कि पार्टी ने उन्हें अपने साथ लिया है. उसने नवजोत सिंह सिद्धू, मनमोहन सिंह और कैप्टन अमरिंदर जैसे सिख नेताओं को जगह दी. भाजपा ने मुसलमानों को साथ नहीं लिया. वह आज भी क़ब्रिस्तान-श्मशान और रमज़ान-दीवाली की बातें करती है. वह आज भी राम मंदिर का मुद्दा उठाती है.''

मोहन जोशी का मानना है कि नरेंद्र मोदी ने देश मे 70 साल से चल रही वोट बैंक राजनीति को ध्वस्त कर दिया है. ऐसे में राजनीतिक दल लोगों को लंबे समय तक मूर्ख नहीं बना सकते. लोगों को अब धर्म की राजनीति नहीं, सिर्फ़ विकास चाहिए.

वोट देने क़तार में मुस्लिम महिलाएं
AP
वोट देने क़तार में मुस्लिम महिलाएं

मोहम्मद अलाउद्दीन शाह ने लिखा, "जिस दिन बीजेपी क़ब्रिस्तान-श्मशान, दिवाली-रमज़ान और लव जिहाद की बात छोड़ देश की तरक्क़ी की बात करने लगेगी, मुसलमान भाजपा के 'ग़ुलाम' बनने को तैयार हो जाएंगे."

ज़ुबैर ख़ान ने कहा, "यदि भारतीय जनता पार्टी मुसलमानों को बराबरी का दर्ज़ा देगी तो वे उसे मंजूर कर लेंगे. सिर्फ़ जुमलेबाज़ी से कुछ नहीं होगा."

भाजपा समर्थक मुसलमान
Getty Images
भाजपा समर्थक मुसलमान

स्वराज आशीष जैन का मानना है कि पंजाब में दरअसल सिखों ने सिर्फ़ ख़ालिस्तानियों और ड्रग माफ़िया को ख़ारिज किया है. ख़ुर्शीद मंसूरी का मानना है, "भारत के मुसलमान कभी भी भारतीय जनता पार्टी को स्वीकार नहीं करेंगे."

अबू माज़ अंसारी का मानना है कि मुसलमानों का समर्थन पाने के लिए भाजपा को उन्हें आहत करने वाले मुद्दों को छोड़ना होगा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से दूरी बनानी होगी.

हालांकि एहसान अंसारी लिखते हैं, "मुसलमान भाजपा से बिल्कुल जुड़ सकते हैं, बस उसके नेता थोड़ा सोच समझ कर बयान दें." मोहम्मद शिराज़ अहमद कहते हैं कि राजनीति गंदा खेल है. राजनीति में कुछ भी हो सकता है.

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Can muslims accept bharatiya janata party
Please Wait while comments are loading...