ब्रिक्स सम्मेलन 2016: पैसंजर ट्रेनों को हाई स्पीड बनाने के लिए रूस के साथ भारत ने फिर मिलाया हाथ

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नई दिल्ली। इंडियन रेलवे ने गोवा में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन 2016 के मौके को बखूबी भुनाया है। उसने इंडियन रेल की 'रफ्तार' बढ़ाने के लिए रूस से एक अहम करार किया है।

BRICS Summit 2016: Indian Railways to carry out study with Russia for upgrade of passenger train speed.

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दरअसल, भारत ने नागपुर-सिकंदराबाद रूट पर चलने वाली पैसंजर ट्रेनों की स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा तक करने से जुड़े अध्ययन के लिए रूस के साथ हाथ मिलाया है।

संयुक्त रूप से वहन करेंगे खर्च

हाई स्पीड प्रोजेक्ट के तहत आने वाले खर्च को भारतीय रेलवे और रशियन रेलवे संयुक्त रूप से वहन करेंगे। दोनों पूरी धनराशि का 50 फीसदी खर्चा देंगे।

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संचालन संबंधी तकनीक, क्रियान्वयन पर स्टडी

गोवा में इंडियन रेलवे और रूसी रेलवे के बीच साइन हुए इस प्रोजेक्ट के तहत हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन संबंधी तकनीक और उनके क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर स्टडी होगी।

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एमओयू रूस के साथ साइन किया था

आपको बता दें कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में अपने रूसी दौर के दौरान रेलवे को लेकर एक एमओयू रूस के साथ साइन किया था। उन्होंने इसमें दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को लेकर करार किया था। इसमें ये बातें प्रमुख रूप से शामिल थीं :

  1. भारतीय ट्रेनों की स्पीड को 160 से लेकर 200 किलोमीटर प्र​ति घंटा करने के साथ ही मौजूदा रेल पटरियों को आधुनिक बनाने पर जोर 
  2. सैटेलाइट नैविगेशन सिस्टम पर आधारित मॉडर्न कंट्रोलिंग एवं सिक्योरिटी की सुविधा 
  3. भारतीय रेलवे को ट्रांसपोर्टेशन सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और मानव संसाधन संबंधी प्रशिक्षण देना
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English summary
BRICS Summit 2016: Indian Railways to carry out study with Russia for upgrade of passenger train speed.
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