सामने आई बड़ी लापरवाही, किसी भी उंगली पर लगा दे रहे स्याही

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नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा 9 नवंबर से 500 और 1000 रुपए के नोट बंद कर दिए गए हैं, जिनके बदले 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए हैं। सरकार ने कहा था कि लोग अपने पुराने नोट बैंक जाकर नए नोटों से बदल लें, जिसकी वजह से बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगने लग गईं। इससे आम जनता को खासी परेशानी हुई।

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सरकार ने अब कहा है कि एक ही व्यक्ति कई बार बैंक में आ रहा है और नोट बदल रहा है, जिसकी वजह से बैंकों के बाहर लगने वाली कतारों में कोई कमी नहीं आ रही है और आम जनता को परेशानी हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने वोटिंग की तरह नोट बदलवाने वाले की उंगली पर स्याही का निशान लगाने के लिए कहा है।

उंगली पर स्याही के निशान को लेकर चुनाव आयोग ने लिखी चिट्ठी

चुनाव आयोग ने सरकार के इस फैसले पर कहा है कि लोगों की उंगली पर निशान लगाते वक्त यह ध्यान दें कि उनके दाएं हाथ की उंगली पर निशान लगाएं, न कि बाएं हाथ की उंगली पर। आपको बता दें कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश और पंजाब में चुनाव होने हैं और चुनाव में लोगों के बाएं हाथ ही पहली उंगली पर स्याही का निशान लगाया जाता है। यही कारण है कि चुनाव आयोग ने बैंकों को ऐसे निर्देश दिए हैं।

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किसी भी उंगली पर लगा दे रहे स्याही (indelible ink)

चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद बैंक की तरफ से नोट बदलवाने वाले व्यक्ति की किसी भी उंगली पर स्याही लगाई जा रही है। स्याही लगाते वक्त बैंक के कर्मचारी इस बात का ध्यान नहीं दे रहे कि वह किस उंगली पर स्याही का निशान लगा रहे हैं, जो आने वाले चुनावों में बड़ी दिक्कत का कारण बन सकते हैं।

इसका एक कारण तो यह हो सकता है कि चुनाव आयोग का निर्देश सभी बैंकों तक न पहुंचा हो या फिर ऐसा भी हो सकता है कि सभी बैंकों ने अपने कर्मचारियों को इन निर्देशों के बारे में न बताया हो।

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क्यों हो रहा है ऐसा?

दरअसल, चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी वॉलिंटियर्स को पूरी ट्रेनिंग दी जाती है कि स्याही को किस तरह से लगाना है और किस उंगली पर लगाना है। साथ ही उन्हें इस बारे में भी बताया जाता है कि स्याही की मात्रा कितनी होनी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर, बैंकों में स्याही लगाने का जो काम शुरू किया गया है, उससे पहले किसी भी बैंक कर्मचारी को कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है। बैंक को लोगों के लिए यह पहली बार है कि वह किसी के हाथ पर स्याही लगा रहे हैं।

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चुनाव आयोग नहीं है सख्त

चुनाव आयोग ने भी अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है कि जिन बैंकों ने गलत उंगली पर निशान लगाया है उन पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं। चुनाव आयोग को इस मामले पर सख्ती दिखाते हुए सरकार को इस बात के कड़े निर्देश देने चाहिए, ताकि आने वाले चुनावों में कोई दिक्कत न हो।

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English summary
banks do not know about the use of indelible ink
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