भारत में सरकार किन-किन चैनल्स पर अब तक लगा चुकी है बैन, पढ़िए

Subscribe to Oneindia Hindi

दिल्ली। भारत सरकार ने हिंदी समाचार चैनल एनडीटीवी के प्रसारण पर 24 घंटे का बैन लगााया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय का आरोप है कि जनवरी में पठानकोट हमले के कवरेज के दौरान चैनल ने संवेदनशील जानकारियां प्रसारित की थीं जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता था।

यह पहली बार है जब किसी न्यूज चैनल पर आतंकी हमले की कवरेज को लेकर एक दिन का प्रतिबंध लगाया गया है। आइए आपको बताते हैं कि इससे पहले सूचना और प्रसारण मंत्रालय, कब-कब, किन-किन चैनल्स पर बैन लगा चुका है।

Read Also: एनडीटीवी बैन: एडिटर्स गिल्ड की सरकार से फैसला वापस लेने की मांग

एएक्सएन पर दो महीने का बैन

एएक्सएन पर दो महीने का बैन

17 जनवरी 2007 को अश्लील प्रोग्राम दिखाने पर सरकार ने एएक्सएन चैनल के प्रसारण पर दो महीने के लिए बैन लगा दिया था।

एएक्सएन चैनल पर 'वर्ल्ड्स सेक्सिएस्ट एडवर्टाइजमेंट' नाम से एक प्रोग्राम प्रसारित किया गया था। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना था कि इसमें दिखाया गया कंटेंट अश्लील था, जिस वजह से चैनल का प्रसारण दो महीने के लिए रोक दिया गया।

एफटीवी इंडिया पर दो महीने का प्रतिबंध

एफटीवी इंडिया पर दो महीने का प्रतिबंध

29 मार्च 2007 को भारत सरकार ने फैशन टीवी इंडिया के प्रसारण पर दो महीने का प्रतिबंध लगाया था।

एफटीवी इंडिया चैनल पर 'मिडनाइट हॉट' नाम से देर रात एक प्रोग्राम का प्रसारण किया जाता था। सूचना और प्रसारण मंत्रालय का आरोप था कि इस प्रोग्राम में दिखाया गया कंटेंट बेहद अश्लील था, इसलिए एफटीवी इंडिया चैनल पर बैन लगाया गया।

सिने वर्ल्ड पर एक महीने का बैन

सिने वर्ल्ड पर एक महीने का बैन

24 मार्च 2005 को सरकार ने एक सिनेमा चैनल सिने वर्ल्ड पर बैन लगाकर इसका प्रसारण एक महीने के लिए बंद कर दिया था।

सिने वर्ल्ड चैनल पर 26 नवंबर 2004 को एक एडल्ट फिल्म का प्रसारण किया गया था। अश्लील प्रोग्राम दिखाने को कारण बताकर चैनल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार ने इस पर 30 दिन का बैन लगाया।

अल जजीरा पर 5 दिन का बैन

अल जजीरा पर 5 दिन का बैन

भारत सरकार ने 10 अप्रैल 2015 को अल जजीरा चैनल का प्रसारण पांच दिन के लिए रोक दिया था।

अल जजीरा चैनल पर एक प्रोग्राम के दौरान भारत का नक्शा दिखाया गया था। सरकार का कहना था कि अल जजीरा ने भारत के गलत नक्शे का प्रसारण किया था जिस वजह से उस पर पांच दिन का प्रतिबंध लगाया गया।

जनमत चैनल पर 30 दिन का प्रतिबंध

जनमत चैनल पर 30 दिन का प्रतिबंध

19 सितंबर 2007 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जनमत चैनल पर एक महीने का प्रतिबंध लगा दिया था।

जनमत चैनल पर एक टीचर का स्टिंग ऑपरेशन दिखाया गया था। भारत सरकार का कहना था कि इस स्टिंग ऑपरेशन में न्यूज चैनल ने प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया। इस वजह से चैनल का प्रसारण एक महीने के लिए रोक दिया गया।

एनडीटीवी पर 2016 में एक दिन का बैन

एनडीटीवी पर 2016 में एक दिन का बैन

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के आदेश के अनुसार, चैनल के एंकर और रिपोर्टर ने आतंकी हमले के कवरेज के दौरान संवेदनशील जानकारियां दीं। एयरबेस में मौजूद आतंकी और उनको कंट्रोल कर रहे आका इन जानकारियों का इस्तेमाल कर सकते थे जिससे न सिर्फ राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा होता बल्कि नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों की जान भी जा सकती थी।

मंत्रालय का कहना है कि जब पठानकोट एयरबेस में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी था तब चैनल ने एयरबेस में मौजूद हथियारों, फाइटर प्लेन्स, रॉकेट लॉन्चर्स, मोर्टार्स और फ्यूल टैंक्स होने की जानकारी दी।

जून 2015 में प्रोग्राम कोड का संशोधन

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जून 2015 में प्रोग्राम कोड में संशोधन करते हुए एक नया नियम जोड़कर आतंकियों के खिलाफ पुलिस के ऑपरेशन के कवरेज को लेकर चैनलों पर बैन लगाया था। इस नियम के अनुसार, जब तक ऑपरेशन खत्म नहीं हो जाता तब तक सरकारी प्रवक्ता जो जानकारी देंगे, मीडिया बस उसे प्रसारित कर सकता है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Indian govt has issued one day ban order against NDTV channel. Govt had imposed ban on some channels in the past for violating the program code.
Please Wait while comments are loading...