अरुण जेटली ने कहा, दो हफ्ते में काम करने लगेंगे सारे एटीएम

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। 8 नवंबर को पीएम मोदी द्वारा देश के नाम संदेश देकर 500 और 1000 रुपए के नोटों को बंद किया गया था, जिसके बाद से पूरे देश में लोग जगह-जगह परेशानियों का सामना कर रहे हैं। हालांकि, बावजूद इसके अधिकतर लोग पीएम मोदी के इस कदम को सही कह रहे हैं जो कालेधन पर लगाम लगाएगा।

arun jaitley

इसी मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश के लोगों का आभार व्यक्त किया कि वह संयम के साथ लाइन लगाकर और कानून व्यवस्था का पालन करते हुए सरकार का सहयोग कर रहे हैं।

साथ ही, उन्होंने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी धन्यवाद कहा, जो बिना छुट्टी लिए काफी देर काम करके सरकार द्वारा उठाए गए इस अहम कदम के उद्देश्य को सफल बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं।

जेटली बोले कि इसका पहले से ही अनुमान था कि पैसे बदलवाने के लिए बैंकों में भारी भीड़ लगेगी। वे बोले कि सरकार हर बैंक से डेटा मंगवाती है, लेकिन इस समय बैंकों के पास काम अधिक होने की वजह से बैंकों से डेटा पहले की तरह दिन में दो से तीन बार नहीं मंगवा रहे हैं, ताकि वे लोग अपना अधिक से अधिक समय जनता को दे सकें।

इन नायाब तरीकों से कालेधन को लगाया जा रहा है ठिकाने

हर बैंक में 5 तरह से हो रही हैं ट्रांजैक्शन

  1. लोग कैश जमा करते हैं।
  2. जमा किए कैश में से कुछ पैसे निकालते हैं।
  3. कैश के बदले कैश लेते हैं।
  4. एटीएम से कैश लेते हैं।
  5. कैश डिपोजिट मशीन के जरिए पैसा जमा करते हैं।

2.28 करोड़ ट्रांजैक्शन हुईं SBI में

जेटली बोले कि आज यानी शनिवार दोपहर 12.15 बजे तक सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक ने ही पैसे बदलवाने में इन 5 तरह के ट्रांजैक्शन से 2 करोड़ 28 लाख ट्रांजैक्शन किए हैं। इस तरह से अंदाजा लगाया जाए तो पूरी बैंकिंग व्यवस्था में इसके करीब 5 गुना ट्रांजैक्शन हुए हैं। स्टेट बैंक के मॉनिटरी ट्रांजैक्शन आज दोपहर 12.15 बजे तक 54,370 करोड़ रुपए के हैं, जिसमें कैश डिपॉजिट 47,868 करोड़ रुपए है।

स्टेट बैंक ने 58 लाख लोगों के पैसे एक्सचेंज किए, 22 लाख लोगों ने एटीएम से निकाले पैसे, 33 लाख लोगों ने बैंक से पैसे निकाले हैं और जमा करने वालों की संख्या बहुत अधिक है। अब तक करोड़ों की संख्या में लोग पैसे जमा कर रहे हैं और निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के करंसी चेस्ट में पर्याप्त पैसा है, इसलिए किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

यहां छपे थे 500 और 2000 के नोट, इटली से आया था कागज

क्या हैं चुनौतियां

जेटली बोले कि काफी बड़ी संख्या में लोग आए हैं और आगे भी कुछ दिनों तक आते रहेंगे। उन्होंने अपील की कि यह सुविधा 30 दिसंबर तक है, इसलिए सभी लोग शुरुआत में ही न आएं, कुछ दिन रुक सकें तो रुक जाएं।

वह बोले कि तकनीक भी एक बड़ी परेशानी बनी हुई है। यह फैसला बहुत ही गुप्त था, इसलिए 2 लाख एटीएम मशीनों को पहले से रीप्रोग्राम नहीं किया गया, क्योंकि इस तरह से ये मामला गुप्त नहीं रह पाता। इसी वजह से बहुत से एटीएम अभी नई करंसी के हिसाब से काम नहीं कर पा रहे हैं। दो सप्ताह के अंदर सभी एटीएम री-प्रोग्राम कर दिए जाएंगे।

राजनीति पार्टियों पर साधा निशाना

जेटली बोले कि देश की राजनीति को साफ करने के इस प्रयास से कुछ लोगों को काफी दिक्कतें हैं। वे लोग बेकार की बयानबाजी कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि काफी अधिक पैसा महीने भर पहले ही बैंकों में जमा किया गया है।

जेटली बोले रिजर्व बैंक के डेटा देखने के बाद यह पता चलता है कि सितंबर 2016 में पैसे जमा करने में कुछ बढ़ोत्तरी देखी गई है। यह बढ़ोत्तरी इसलिए है, क्योंकि 31 अगस्त को पे कमीशन का एरियर आया था, न कि कोई अन्य कारण।

प्रिंटिंग में गलतियों के बाद क्या 2000 का नोट भी बदला जाएगा, जानिए पूरा सच?

नमक की अफवाह पर बोले जेटली

नमक महंगा होने की अफवाह पर बोलते हुए जेटली ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य एक साफ सिस्टम बनाना है, जिसके लिए कारोबारियों को भी तैयार रहना होगा। इस तरह के अफवाहों पर ध्यान न दें। जगह-जगह छापे मारे जाने की खबरें भी गलत हैं।

कारोबारियों से अपील करते हुए जेटली ने कहा कि भुगतान के लिए कार्ड, चेक, ऑनलाइन जैसे ट्रांजैक्शन पर जोर दें। इससे आने वाले समय में काफी फायदा होगा। नकली नोटों पर सरकार अपनी नजर बनाए हुए है।

देश-दुनिया की तबरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
arun jaitley in national media centre brief media over Demonetisation
Please Wait while comments are loading...