मासूम बेटी के इलाज के लिए पिता लगे रहे बैंक की लाइन में, बच्ची ने तोड़ा दम

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बांदा। चार साल की मासूम बच्ची के इलाज के लिए बैंक से पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़े पिता पर दुख का पहाड़ टूट गया है। एक तरफ जहां पिता अपनी बेटी के इलाज के लिए बैंक की लाइन में लगा रहा तो दूसरी तरफ मासूम बेटी ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया।

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इलाज के लिए पैसे चाहिए थे
यह मामला बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र का है जहां धर्मेद्र वर्मा जोकि पेशे से मजदूर हैं यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक से पैसे निकालने के लिए काफी दिनों से चक्कर लगा रहे थे। मासूम बेटी जिसे बुखार था उसके इलाज के लिए धर्मेद्र पैसे निकालने के लिए बैंक के चक्कर लगा रहे थे।

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सीओ अजय कुमार ने बताया कि सोमवार को जब धर्मेंद्र अपनी बेटी को लेकर बैंक से पैसा निकालने के लिए पहुंचे तो वह बैंक की लाइन में खड़े रहे जहां उनकी बेटी की मृत्यु हो गई।

मौत से क्षुब्ध स्थानीय लोग

वहीं मासूम की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने शव को बांदा-फतेहपुर रोड पर रखकर प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि नोटबंदी का फैसला कालाधन, फर्जी नोट से निपटने के लिया गया था लेकिन इसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

आपको बता दें कि नोटबंदी के चलते अभी तक कई 50 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। तमाम विपक्षी दल मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री नोटबंदी के अपने फैसले को वापस लें और इस फैसले के लिए देश की जनता से मांफी मांगे।

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English summary
4 year ailing girl dies while her father was in bank queue to withdraw money. Father was in the queue to withdraw money for the treatment.
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