कोटखाई गैंगरेप केस पर आफत में कांग्रेस, राहुल गांधी ने मंगाई रिपोर्ट

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में जिला शिमला के कोटखाई में स्कूली छात्रा से गैंगरेप व मर्डर मामले में चल रहे जन-अंदोलन के बीच प्रदेश का सियासी महौल भी गरमा गया है। एक ओर विपक्षी दल भाजपा सरकार को निशाने पर ले रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस में मुख्यमंत्री विरोधी भी इसी बहाने अपना पुराना हिसाब-किताब चुकता करने के मूड में आ गये हैं।

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सफाई देने में लगे हैं सीएम वीरभद्र

सफाई देने में लगे हैं सीएम वीरभद्र

वहीं मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने फिर स्पष्ट किया कि कोटखाई मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को भेजा है। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने ठीक जांच की है, लेकिन लोगों को किसी प्रकार की शंका न रहे, इसलिए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। उन्होंने कहा कि सरकार न किसी को बचाना चाहती है, न छुपाना चाहती है और न ही किसी को फंसाना चाहती है। विधानसभा में राष्ट्रपति चुनाव में डालने आये वीरभद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान वीरभद्र सिंह ने कहा कि पुलिस ने अपने स्तर पर ठीक जांच की है। उनका कहना था कि पुलिस जांच को सक्षम है, लेकिन लोगों में जांच को लेकर किसी प्रकार की शंका न रहे, इसलिए सीबीआई को इस मामले की जांच भेजी है। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस की तफ्तीश सही दिशा में है।

सीएम ने कहा कि बीजेपी इस मामले को लेकर जो किसी को बचाने के आरोप लगा रही है वह सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रोपगैंडा कर रही है और मामले को बेवजह तूल दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी के मन में कोई संदेह न रहे, इसलिए सीबीआई से जांच करवाने की मांग की और पीएम को पत्र लिखा। इस बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत कोटखाई गैंगरेप मर्डर केस को कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कड़ा नोटिस लेते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू को फोन कर इस मामले में रिपोर्ट मांगी है। राहुल ने सुक्खू से इस मामले को लेकर पूरी रिपोर्ट मांगी और पूछा कि इसमें कब क्या हुआ और यह मामला क्यों तूल पकड़ा, इसे लेकर जानकारी उपलब्ध करवायें।

राहुल गांधी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भेजी रिपोर्ट

राहुल गांधी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भेजी रिपोर्ट

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुक्खू ने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी को भेज दी है। इसमें उन्होंने सरकार द्वारा इस मामले की जांच को सीबीआई को भेजे जाने की सिफारिश करने और इस संबंध में सीएम वीरभद्र सिंह द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने का भी हवाला दिया है। इसके साथ-साथ उन्होंने रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है, जिसमें सीएम के फेसबुक पेज पर पहले कुछ फोटो वायरल होने और फिर उन्हें हटाया गया था। सुक्खू द्वारा भेजी गई इस रिपोर्ट में सिलसिलेवार सारी घटना का जिक्र और इसे लेकर मिडिया में आई खबरें भी भेजी गई है।

राहुल गांधी को भेजी रिपोर्ट में क्या है?

राहुल गांधी को भेजी रिपोर्ट में क्या है?

रिपोर्ट में पहले पुलिस जांच और फिर इसके लिए अलग से एसआईटी का गठन और एसआईटी द्वारा इस मामले को लेकर सुलझाने का दावा करने के बाद भी भी लोगों का गुस्सा थमने का नाम न लेने का भी जिक्र है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कोटखाई मामले की रिपोर्ट भेजने की पुष्टि कांग्रेस महासिचव नरेश चौहान ने की है। एक दिन पहले ही सुक्खू ने भी इस मामले पर जन आक्रोश बढ़ने के पीछे के कारण को लेकर चर्चा की थी। साथ ही कहा था कि जन आक्रोश फैलने का कारण जांच में कहीं न कहीं कोई कमी रहना है। उन्होंने सीएम के फेसबुक पेज पर कुछ संदिग्धों के फोटो वायरल होने और फिर उन्हें वहां से हटाने को लेकर भी सवाल उठाया था और इसे लेकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी। अब राहुल गांधी ने इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए पार्टी से रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान भी इस मामले पर चिंतिंत है और वह भी इस पर नजर रखे हुए है।

वीरभद्र के बयान की धूमल ने की आलोचना

वीरभद्र के बयान की धूमल ने की आलोचना

इस बीच नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कोटखाई मामले में सरकार को आड़े हाथों लेते हुये कहा कि सरकार की नाकामी को लेकर केवल साधारण जनता और विपक्ष ही सरकार को कटघरे में नहीं खड़ा कर रहे हैं बल्कि उन्हीं की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी यह स्वीकार कर चुके हैं। कांग्रेस के पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का यह बयान कि सरकार के ढुलमुल रवैये और सीएम द्वारा तथाकथित आरोपियों के फोटो फेसबुक में डालने के पश्चात से लोगों में आक्रोश बढ़ा है। क्या यह सीएम कार्यालय पर प्रश्न चिन्ह नहीं है? आखिरकार किसने सीएम कार्यालय को यह इजाजत दी कि वह बिना जांच के ही इस तरह के फोटो अपलोड करें। धूमल ने सीएम के इस बयान को कि इस तरह के मामले विपक्ष को नहीं उठाने चाहिए, पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विपक्ष का कर्तव्य है कि प्रदेश में हो रहे किसी भी गलत कार्य को वह जनता के समक्ष लाएं और कोटखाई मामले में तो मीडिया, सोशल मीडिया, साधारण जनता और विपक्ष ने जागरूकता नहीं दिखाई होती तो इस मामले का हश्र भी वही होता तो प्रदेशभर में घटित अन्य मामलों का हुआ है।

अनुराग ठाकुर ने भी मांगा इस्तीफा

अनुराग ठाकुर ने भी मांगा इस्तीफा

वहीं भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम वीरभद्र सिंह को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सीएम इतने असंवेदनशील हो गए है कि न तो वो पीडि़ता के घर जाने की जहमत उठाते हैं और ऊपर से बयान देते हैं कि पकड़े गए लोग उनके चाचे-मामे नहीं लगते। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि मंडी के बल्ह में छेड़छाड़ से परेशान एक युवती ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है, यह कोटखाई प्रकरण के बाद दूसरा ऐसा मामला सामने आया है जिसमें बेटी को परेशान होकर खुद अपनी जान लेनी पड़ी। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में दिन प्रति दिन अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है और खासकर महिलाओं और बेटियों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं लेकिन प्रदेश में इन बढ़ते अपराधों पर काबू पाने में पुलिस और प्रदेश सरकार नाकाम रही है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने इससे पहले भी कई मौकों पर ऐसे बयान देकर अपनी असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। ऐसे में उनमें थोड़ी सी भी शर्म बची हो तो वे तुरंत इस्तीफा दें।

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English summary
State congress sent Kotkhai gang rape case report to Rahul Gandhi.
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