कोटखाई गैंगरेप-मर्डर के विरोध में शिमला में हल्ला बोल, लोगों का प्रदर्शन

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के कोटखाई में स्कूली छात्रा से गैंगरेप व मर्डर मामले में इंसाफ की गुहार व असली दरिंदों को पकड़ने की मांग को लेकर मंगलवार को शिमला की सड़कों पर जनता का सैलाब उमड़ आया है। गुस्साये लोग जगह-जगह धरना-प्रर्दशन कर रहे हैं। मामले की जांच राज्य सरकार की ओर से सीबीआई से कराने की घोषणा के बावजूद लोगों में आक्रोश थमा नहीं है। राजधानी शिमला सहित विभिन्न इलाकों में धरने-प्रर्दशन हो रहे हैं।

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सरकार और पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग

सरकार और पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग

शिमला शहर के लोगों ने शिमला नागरिक सभा के बैनर तले डीएम ऑफिस के बाहर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा महिलाएं और युवक भी भारी संख्या में मौजूद थे। गुस्साए लोग मॉल रोड होते हुए राजभवन पहुंचे। लोगों में सरकार और पुलिस के खिलाफ भारी रोष है।

गुम्मा में भारी विरोध प्रदर्शन

गुम्मा में भारी विरोध प्रदर्शन

उधर, गुम्मा में बारिश के बावजूद क्षेत्र के लोग भारी संख्या में जुटे हुये हैं। लोगों ने ठियोग-हाटकोटी मार्ग को जाम कर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। जिससे सड़क पर सामान्य यातायात ठप होकर रह गया है व माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

भारी तादाद में लोग गुम्मा में हुए जमा

भारी तादाद में लोग गुम्मा में हुए जमा

इस दौरान चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा के साथ-साथ पूर्व बागवानी मंत्री नरेंद्र बरागटा भी गुम्मा में इंसाफ को लेकर प्रर्दशनकारियों के साथ मौजूद हैं। इसके साथ ही कोटखाई, ठियोग, बलसन और देहा क्षेत्र के लोग भारी तादाद में जमा हो रहे हैं और यह सिलसिला जारी है।

असली गुनहगारों को पकड़ने की मांग

असली गुनहगारों को पकड़ने की मांग

इससे पहले गुस्साये लोगों ने गुम्मा बाजार में रैली निकाली और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। भारी सुरक्षा बल मौजूद है। अभी भी वहां पर सैकड़ों लोग जमा है और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी लगातार जारी है। गुम्मा में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में गुस्सा है और वे शंका जाहिर कर रहे हैं कि असली गुनाहगारों को छोड़ा गया है और नेपाली और उत्तराखंड के लोगों को फंसाया जा रहा है।

आंदोलनकारियों ने उठाए अहम सवाल

आंदोलनकारियों ने उठाए अहम सवाल

अंदोलनकारी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे आरोपियों की तस्वीर सीएम के फेसबुक पेज पर पोस्ट हो जाती हैं व बाद में उन्हें हटा लिया जाता है लेकिन पुलिस बाद में उन चार में से दो को फिर गिरफ्तार कर लेती है।

सीएम वीरभद्र ने बवाल के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

सीएम वीरभद्र ने बवाल के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

इस बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि उन्हें भाजपा द्वारा रचे जा रहे षड्यंत्रों की 20 दिन पहले से सूचना थी। अब भाजपा ने कोटखाई प्रकरण की आड़ में ऐसा आंदोलन प्रायोजित किया है, जिसकी फंडिंग भी भाजपा कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जितने भी धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं, उनमें सीधे-सीधे भाजपा का हाथ है। मगर यदि कहीं भी कानून व्यवस्था अब बिगाड़ने का कार्य हुआ, तो सरकार उससे सख्ती से निपटेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रा प्रकरण की गहनता से जांच चल रही है और कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है। सीबीआई के आने पर यह जांच उसे सौंप दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने एक सवाल पर कहा कि फॉरेस्ट गार्ड होशियार सिंह के मामले में रोष प्रदर्शन क्षेत्रीय था, प्रायोजित नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की अभी तक की जांच सही है, इसमें किसी भी तरह की कोई चूक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अभी कड़ियां और जोड़ी जा रही है, किसी भी दोषी को बख्शने का सवाल ही नहीं उठता। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि सरकार बड़े लोगों को बचा रही है, सरासर गलत है। बताएं कौन हैं, जिसे सरकार बचा रही है वरना हवा में बातें न करें। कोटखाई प्रकरण में पार्टी प्रदेशाध्यक्ष से कांग्रेस हाइकमान द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के सिलसिले में उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि महत्त्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को भी भेजी जाती है।

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English summary
Public agitation in Shimla against Kotkhai Gang Rape.
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