दिवाली पर कब से शुरू हुए पटाखे, किस मुस्लिम शासक ने लगाया था बैन?

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नई दिल्ली। भले ही लोग कहे कि दिवाली पर पटाखे ना फोड़ो, प्रदूषण ना फैलाओ लेकिन बिना पटाखों के दिवाली पूरी कहां होती है। बहुत कम ही घर ऐसे होंगे जहां दीपक के साथ फूलझड़ी ना जली हो, लेकिन क्या कभी आपने सोचने की कोशिश की आखिर पटाखों और दिवाली का कनेक्शन क्या है?

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तो आईये जानते हैं इस बारे में विस्तार से...

आपको बता दें कि पटाखों का अविष्कार भारत में नहीं चीन में हुआ था वो भी दुर्घटनावश। कहा जाता है कि चीन के एक शहर में एक रसोइए ने गलती से साल्टपीटर (पोटैशियम नाईट्रेट) आग पर डाल दिया था, जिसके कारण आग के कलर में परिवर्तन हुआ जिससे लोगों के अंदर उत्सुकता पैदा हुई और उसके बाद उस रसोइए ने आग में कोयले और सल्फर का मिश्रण डाला,जिससे काफी तेज़ आवाज के साथ रंगीन लपटें उठने लगी, बस, यहीं से आतिशबाज़ी यानी पटाखों की शुरुआत हुई।

भारत में औरंगजेब ने लगाया बैन

भारत के इतिहास पर नजर डाले तो पटाखों की शुरूआत कब, कहां से हुई ,इसका स्पष्ट प्रमाण तो नहीं मिलता है लेकिन मुगलकाल की किताबों में दिवाली का जिक्र है। कई जगहों पर लिखा है कि लोग अपने घरों को लैंप और मोमबत्ती से सजाकर दिवाली मनाते थे। हालांकि मुगल शासक औरंगजेब (1677) ने दिवाली को अपने शासनकाल में प्रतिबंधित किया था।

आगे की खबर तस्वीरों में..

शिवकाशी

शिवकाशी

पटाखे की शुरूआत वैसे तो चीन में हुयी थी लेकिन भारत में भी एक ऐसा शहर है जिसे Cracker City यानी पटाखों के शहर के नाम से जाना जाता है और वो शहर है शिवकाशी। ये शहर चेन्नई से 500 किमी की दूरी पर स्थित है।

पहली बार पटाखा कंपनी की शुरुआत

पहली बार पटाखा कंपनी की शुरुआत

20वीं शताब्दी में शिवकाशी में पहली बार पटाखा कंपनी की शुरुआत हुयी थी। इस छोटे से शहर को पटाखों का शहर बनाने का क्रेडिट पी अय्या नादर और उनके भाई शनमुगा नादर को जाता है। इन्होंने ही अनिल ब्रांड के पटाखों का निर्माण किया था।

शिवकाशी को बनाया पटाखा हब

शिवकाशी को बनाया पटाखा हब

1923 में ये दोनों भाई माचिस बनाने का तरीका सीखने के लिए कोलकाता गये थे। उसके बाद इन्होंने ये बिजनेस शुरू किया और दोनों ने अपनी पहली कंपनी खोली और आज एक छोटी सी कंपनी से पूरा शहर पटाखा हब बन गया।

 90 प्रतिशत पटाखों का उत्पादन

90 प्रतिशत पटाखों का उत्पादन

भारत के राज्य तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में स्थित शिवकाशी आज भारत के पटाखा उद्योग की राजधानी है जहाँ तकरीबन 8,000 बड़े और छोटे कारखाने हैं जिनमें कुल मिलाकर 90 प्रतिशत पटाखों का उत्पादन होता है।

फायरवर्क्स कंपनी के संस्थापक पी अय्या नादर

फायरवर्क्स कंपनी के संस्थापक पी अय्या नादर

शिवकाशी में फायरवर्क्स कंपनी के संस्थापक पी अय्या नादर है। पहले ये रॉ मटेरियल प्रोडक्शन किया करते थे | बाद में धीरे धीरे उन्होंने सेफ्टी माचिस,स्टार माचिस और कलर माचिस का उत्पादन शुरू किया था।

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English summary
As far as I know, firecrackers were not a part of Diwali before The Indian Explosives Act, 1940 which licensed manufacture of firecrackers. here is interesting facts about it.
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