तो मुलायम नहीं पीएम नरेन्द्र मोदी से प्रभावित हैं अखिलेश, इसलिए चला ये दांव

पार्टी और लोगों के दिलों में अखिलेश यादव के इस बढ़ते कद को देखते हुए अब लोग उनकी तुलना पीएम मोदी से करने लगे हैं।

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लखनऊ। सपा में मचे घमासान का अंत क्या होगा, ये तो आने वाला वक्त तय करेगा, परिवारवाद के इस दंगल पर जो भी टिप्पणी हो रही हो लेकिन दोनों ही गुटों में बंटे कार्यकर्ता अखिलेश यादव के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है, ये एक जरूर चौंकाने वाली बात है।

अगर अखिलेश की इन बातों पर मुलायम हो जाएं मुलायम तो झगड़ा खत्म!

भले ही अखिलेश, अतिक अहमद जैसे नेताओं का विरोध करें, लेकिन अतिक अहमद की नजर में भी अखिलेश यादव बेस्ट है। पिछले 5 सालों से यूपी में साइकिल दौड़ रही है लेकिन बीते 6 महीनों में जिस तरह से सीएम अखिलेश यादव लोगों के सामने खुलकर आएं हैं, उसने उन्हें लोगों का हीरो बना दिया है, जो आसार दिखाई दे रहे हैं, उससे लोगों के अंदर सपा को लेकर नाराजगी है लेकिन अखिलेश के प्रति कोई गुस्सा नहीं है।

अब लोग अखिलेश की तुलना पीएम मोदी से कर रहे

पार्टी और लोगों के दिलों में अखिलेश के इस बढ़ते कद को देखते हुए अब लोग उनकी तुलना पीएम मोदी से करने लगे हैं, हालांकि ये तुलना करना अभी थोड़ी जल्दबाजी का काम है क्योंकि अखिलेश की तरह मोदी को राजनीति और सत्ता विरासत में नहीं मिली थी।

लेकिन इसके बावजूद लोगों ने अखिलेश के बारे में कहना शुरू कर दिया है कि वो पीएम मोदी की राह पर चल पड़े हैं, जिसे समझने के लिए नीचे की तस्वीरों पर क्लिक करें....

'विकास पुरुष' के रूप में पेश किया

मोदी ने पीएम बनने से पहले गुजरात के जरिए अपने आप को देश में 'विकास पुरुष' के रूप में पेश किया, लोग भाजपा से नाराज थे लेकिन मोदी से खुश, उनकी लोकप्रियता चरम पर पहुंच चुकी थी जिसके लिए उन्हें भाजपा ने पीएम पद का उम्मीदवार बनाया और वो फैसला सही साबित हुआ। आडवाणी और जोशी जैसे दिग्गज बैकफूट पर रहे, ठीक उसी तरह आज अखिलेश की छवि आज एंग्रीयंग मैैन लेकिन गुंडागर्दी के खिलाफ वाले नेता की हो गई है, जिसने सपा की नकारात्मक छवी को लोगों के जेहन में बदल दिया है, इसलिए लोग उन्हें मुलायम और शिवपाल के आगे तरजीह दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव

कभी अंग्रेजी का धुर विरोध करने वाली समाजवादी पार्टी आज सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है और इंटरनेट के जरिए अपनी लुभावनी योजनाओं से लोगों को, खासकर के युवाओं को आकर्षित कर रही है, इस चुनाव से पहले से ये सब सपा में नहीं होता था। मोदी को पीएम बनाने में सोशल मीडिया ने काफी महत्वपूर्ण योजनाएं निभाई थी, आज अखिलेश भी उसी राह पर चल चुके हैं।

एकमात्र एजेंडा विकास

अखिलेश केवल पीएम मोदी की तरह प्रदेश के विकास की बात कर रहे हैं, जो सपा धर्म और जाति के आधार पर चुनाव लड़ती आई है, आज उसी पार्टी का मुखिया प्रदेश को सबसे पहले बताते हुए विकास की बात कर रहा है। जिसके लिए वो आज अपने पिता से भी लड़ बैठा है।

हाईटेक हो गए हैं अखिलेश यादव

अखिलेश लैपटॉप और मैट्रो की बातें करते हैं और मोदी डिजिटल इंडिया की, अखिलेश महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा की बात कर रहे हैं तो पीएम मोदी की भी कोशिश भी यही है, इसी कारण लोग आज अखिलेश की तुलना पीएम से कर रहे हैं।

दंगों के दाग को विकास जल से धोने की कोशिश

नरेंद्र मोदी ने भी गुजरात दंगे के बाद प्रदेश में विकास को नई रफ्तार दी तो वहीं मुजफ्फरनगर दंगों के बाद भी अखिलेश की लगातार कोशिश है कि वो दंगों के दाग को विकास के गंगाजल के धोए। उन्होंने कुछ कड़े फैसले लिए जिससे ये साबित हुआ कि वो पार्टी हित के बारे में नहीं बल्कि यूपी के बारे में सोच रहे हैं, इसी कारण लोग आज उन्हें पीएम मोदी से कंपेयर कर रहे हैं।

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English summary
Akhilesh Yadav, the scion of the Samajwadi Party and the Chief Minister of Uttar Pradesh, seems to have paid close attention to the drum of development Narendra Modi had been beating. Here are some similarities.
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