लड़कियों के हस्तमैथुन पर एक भाई ने लिखा खुला खत, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

'खुद को छूना सही है। हो सकता है तुम्हारी सेक्सुअल डिजायर कुछ अजीब हों, तुम्हारे सपने क्रेजी हों, लेकिन यह सब सही है। दरअसल, हस्तमैथुन न सिर्फ सही है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए जरूरी भी है।'

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नई दिल्ली। समाज में एक ओर जहां फिल्मों और पश्चिमी संस्कृति की गहरा असर है तो दूसरी ओर भारतीय संस्कृति, परंपरा और कथित लोकलाज को मानने वाले लोग भी भरे पड़े हैं। समाज में सेक्स को लेकर खुलकर बातचीत नहीं है और लोग असहज हो जाते हैं। फिल्मों से कुछ लोग प्रभावित होते हैं लेकिन उनका असर सब पर नहीं होता। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो न्यूड पेटिंग बनाने वालों पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाकर जानलेवा हमले करते हैं। कथित मर्यादा के नाम पर बच्चों को जरूरी बातें नहीं बताई जातीं जिनका परिणाम बुरा भी होता है।

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इंटरनेट पर वायरल हुई चिट्ठी

इंटरनेट की दुनिया ने इस सबसे इतर वह जगह दी है जहां लोग खुलकर किसी भी मुद्दे पर बात कर रहे हैं और बहस कर रहे हैं। सलाह ले रहे हैं और दूसरों की मदद भी कर रहे हैं। बच्चे अब सेक्स एजुकेशन के बारे में बिना किसी के बताए खुद इंटरनेट पर सब कुछ जान सकते हैं और जानते हैं। लेकिन इसके अपने फायदे-नुकसान भी हैं। भारतीय परिवेश में ज्यादातर मां-बाप बच्चों के सामने सेक्स या इससे जुड़ी बात करने के कतराते हैं। देश में कई तरह के टैबू हैं जिनसे लोग जूझ रहे हैं। नई पीढ़ी मुश्किलें झेलती है।

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इस सबके के खिलाफ मुंबई के एक लड़के ने मुहिम शुरू की। मलेशिया में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे मानिक रेगे ने बहन को उसके जन्मदिन पर एक पत्र लिखा और उसका विषय हस्तमैथुन (Masturbation) था।

मानिक की यह चिट्ठी सोशल मीडिया में वायरल हो गई और अब लोगों के बीच चर्चा का विषय है। मानिक ने यह चिट्ठी अपने ब्लॉग में लिखी है। उसका शीर्षक है- 'मेरी बढ़ती हुई बहन के नाम एक चिट्ठी'।

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ब्लॉग में लिखा था पत्र

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में मानिक ने बताया कि उसकी कोई सगी बहन नहीं है। यह ब्लॉग जागरूकता के लिए लिखा गया है। उसने कहा, 'युवा उम्र के हर लड़के-लड़की के लिए यह जागरूकता जरूरी है।

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बिना किसी डर के अपने शरीर और अपनी जरूरतों के मुताबिक हमें काम करने चाहिए। हस्तमैथुन भी उन्हीं में से एक है। हम कई तरह के टैबू से घिरे हैं। अगर लड़के हस्तमैथुन कर सकते हैं तो लड़कियां क्यों नहीं? हम अगर सोच बदलेंगे तभी बेहतर भारत बना सकते हैं।' उसने बताया कि चिट्ठी वायरल होने के बाद लोगों ने उसे रेपिस्ट, ढोंगी, मानसिक दिवालिया न जाने क्या-क्या कहा है। लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने उसके इस कदम को सराहा है।

यहां पढ़ें चिट्ठी का कुछ हिस्सा

प्यारी बहन,
15वें जन्मदिन की शुभकामनाएं। नर्क में स्वागत है, मेरा मतलब है परिपक्वता।

मैं तुम्हारे हर सफर में साथ हूं और तुम्हें बेहद प्यार करता हूं, दिल से और अपनी आत्मा से। जितना मां-पापा खुद को तुम्हारा अभिभावक मानते हैं उतना ही मैं भी खुद को इसी जगह पर देखता हूं। इसलिए मुझे लगता है कि मुझे तुमसे उस विषय पर बात करनी चाहिए जिसके बारे में दुनिया के हर मां-बाप को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए।

निश्चित रूप से मां और तुम्हारे स्कूल के टीचर्स ने यह बताया होगा कि तुम्हारा शरीर क्यों और कैसे विकसित हो रहा है और न्यूक्लियर पावर प्लांट की तरह बनता जा रहा है जो अब पूरी जिंदगी हर महीने में कुछ दिनों के लिए धमाका करता रहेगा। इसके साथ ही मैं सेक्सुअल हेल्थ से जुड़े उस विषय पर बात करने जा रहा हूं जिसे लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा है। मैं यहां हस्तमैथुन के बारे में बात करने जा रहा हूं।
हां, हस्तमैथुन।

'मुझे ये सब बताने वाला कोई नहीं था'

प्लीज ऐसे मत रिएक्ट करना कि तुमने पहली बार ये शब्द सुना है। तुम और तुम्हारे दोस्तों ने इस बारे में बात की होगी, गॉसिप किए होंगे और ऐसा भी हो सकता है कि तुम्हें इसके बारे में गलत जानकारी दी गई हो। जो तुम जानती हो वो हो सकता है कि गलत हो। गलत जानकारी की वजह से तुम खुद को छूने से बचोगी जबकि तुम्हारा शरीर यह चाहता है।

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तुम किसी तरह से घबराओ या बुरा महसूस करो उससे पहले मैं तुम्हें बताना चाहता हूं कि तुम इकलौती नहीं हो। मैं भी इस स्थिति में पांच साल पहले रहा हूं। मेरे भी दिमाग में हजारों सवाल थे। दुर्भाग्य से मेरे पास कोई नहीं था जो सही जवाब दे सके या मुझे सही तरीका समझा सके। इसलिए मैंने खुद से यह सब पढ़ने और समझने की कोशिश की। मैं नहीं चाहता कि मेरे जैसी स्थिति में तुम भी रहो। मैं तुम्हें वह सब बताना चाहता हूं।

...तो इसलिए महिलाओं के लिए टैबू है हस्तमैथुन

खुद को छूना सही है। हो सकता है तुम्हारी सेक्सुअल डिजायर कुछ अजीब हों, तुम्हारे सपने क्रेजी हों, लेकिन यह सब सही है। दरअसल, हस्तमैथुन न सिर्फ सही है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए जरूरी भी है। इससे तुम्हें अपने शरीर को ज्यादा जानने का मौका मिलता है। तुम्हें अपनी जरूरतें पता चलेंगी और तुम्हें यह पता चलेगा कि कब दर्द होता है और कब तुम आनंद महसूस करती हो। इससे न सिर्फ तुम्हें एनर्जी का अहसास होगा बल्कि तुम अपनी मर्जी से चल सकोगी। यही वजह है कि शायद हस्तमैथुन खासकर महिलाओं के लिए एक टैबू माना जाता है।

'सबके शरीर की कुछ जरूरतें होती हैं'

इससे इस बात का भी अहसास होता है कि महिलाओं के पास भी कुछ इच्छाएं होती हैं। वह भी खुद को संतुष्ट कर सकती हैं बिना किसी पुरुष के। कोई आपको ऑब्जेक्ट के तौर पर समझने लगे। अगर लड़के यह कर सकते हैं, खुलेआम इसके बारे में बात भी करते हैं तो लड़कियां क्यों नहीं। सभी मनुष्य हैं और सबके शरीर की कुछ जरूरतें होती हैं जिन्हें पूरा किया जाना जरूरी है। इसके अलावा, यहां तुम्हें किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है । यहां सिर्फ तुम्हारी मर्जी है। एक बात यह भी है कि तुम अपनी इच्छाओं और जरूरतों के बारे में अपने पार्टनर से खुलकर बात कर सकोगी। इससे स्ट्रेस भी खत्म होगा और तुम्हें अच्छा भी महसूस होगा।

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English summary
Mumbai guy wrote an open letter on masturbation to teen sisters in India.
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