Birthday Special: मिलिए गीतों के जादूगर जावेद अख्तर की असली गजल से...

शायरी तो जावेद साहब के खून में है क्योंकि इनके पिता जान निसार अख्तर उर्दू के मशहूर शायर और मां सफिया अख्तर उर्दू की शिक्षिका थीं।

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मुंबई। बॉलीवुड के सबसे बड़े गीतकारों में से एक जावेद अख्तर आज 72वां जन्मदिन मना रहेहै, शब्दों के इस पूजारी के लिखे एक-एक कलमें में जज्बातों के शोले भड़कते हैं। जिंदगी के हर रंग को अपने लेखनी से संवारने वाले गीतों के इस जादूगर को उनके जन्मदिन पर वनइंडिया परिवार भी बहुत सारी शुभकामनाएं देता है और ऊपर वाले से उनकी लंबी उम्र की कामना करता है।

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आइए जावेद अख्तर के जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें...

जन्म 17 जनवरी 1945

 

  • जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर में हुआ था।
  • जावेद अख्तर का पूरा नाम जावेद जानिसार अख्तर है।

 

शायरी तो जावेद साहब के खून में...

  • शायरी तो जावेद साहब के खून में है क्योंकि इनके पिता जान निसार अख्तर उर्दू के मशहूर शायर और मां सफिया अख्तर उर्दू की शिक्षिका थीं।
  • साल 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने वाले जावेद अख्तर ने पटकथा लेखक के तौर पर सलीम खान के साथ जोड़ी बनाई और मशहूर हुए।

सलीम-जावेद

  • इन दोनों ने यादों की बारात, सीता और गीता, जंजीर, शोले, डॉन,मि.इंडिया समेत बॉलीवुड को बेहतरीन फिल्में दीं। 
  • लेकिन बाद में ये जोड़ी टूटी लेकिन जावेद साहब ने गीत लिखने शुरू कर दिए।

 

शबाना आजमी से मुलाकात

जावेद अख्तर कैफी आजमी को असिस्ट करते थे और वहीं उनकी मुलाकात शबाना आजमी से हुई और दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद जावेद अख्तर ने अपनी पहली पत्नी हनी ईरानी को तलाक दिया। हनी ईरानी से उनके दो बच्चे जोया और फरहान अख्तर हैं।

शबाना ही मेरी गजल...

14 बार फिल्मफेयर और 5 बार नेशनल अवार्ड जीत चुके जावेद अख्तर से एक बार पूछा गया था कि क्या बॉलीवुड में कोई अभिनेत्री ऐसी है जिसके लिए आप गजल लिखना चाहेंगे तो इस पर जावेद साहब ने उत्तर दिया था कि मैं हमेशा शबाना आजमी के लिए लिखना चाहूंगा क्योंकि वो ही मेरी गजल है।

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English summary
Born on January 17, 1945 Javed Akhtar needs no introduction. In his career spanning over four decades Akhtar has given us some of the best writings one could ever experience.
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