बैंक में किसी भी व्यक्ति के साथ खराब बर्ताव नहीं होनी चाहिए: कोर्ट

बैंक द्वारा बुजर्ग महिला से पांच हजार रुपये जमा ना करने पर कोर्ट ने जताया आश्चर्य।

By:
Subscribe to Oneindia Hindi

नई दिल्ली। दिल्ली के एक कोर्ट ने कहा है कि नोटबंदी के कार्यान्वयन कर रही एंजेसियां ये सुनिश्चित करें कि बैंक में समाज के सबसे निचले तबके के व्यक्ति को भी किसी तरह के शोषण या परेशानी का सामना ना करना पड़े।

bank

दिल्ली के एक कोर्ट ने कहा है कि नोटंबदी की वजह से किसी को कोई परेशानी ना हो ये सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। किसी नागरिक को इससे परेशानी का सामना करना पड़े, तो ये ठीक नहीं होगा। एक बुजुर्ग औरत के बैंक द्वारा रुपये ना जमा करने का मामला सामने आने पर पर कोर्ट ने ये कहा है।

नोटबंदी: यौन शोषण की पीड़ितों को नहीं मिल पा रही मुआवजे की रकम

कोर्ट ने एक बुजर्ग महिला महिला को एक मामले में दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण के खाते में 5000 हजार रुपये जमा कराने का आदेश दिया था, जब महिला बैंक में इस राशि को जमा कराने पहुंची तो बैंक ने पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया।

इस बाबत जब महिला ने कोर्ट को जानकारी दी तो कोर्ट ने इस पर हैरत जताई कि आखिर जब सरकारी बिल, टैक्स और जुर्माने आदि में पुरानी करेंसी मान्य है, तो फिर बैंक महिला पर कोर्ट द्वारा लगाया गया जुर्माना लेने से कैसे इंकार कर सकता है।

कोर्ट ने कहा कि बैंक में बैठे व्यक्ति से एक आदमी संवेदना की उम्मीद करता है। कोर्ट ने कहा कि बैंकों को भी संवेदनशील होना चाहिए।

डिजिटल बैंकिंग में ज्‍यादा से ज्‍यादा बिजनेस के अवसर खोजे बैंक: अरुण जेटली

रोज बजले जा रहे हैं बैंक में लेन-देन के नियम

8 नवंबर को पीएम मोदी के 1000 और 500 को नोट पर पाबंदी के ऐलान के बाद से देशभर में उपापोह की स्थिति है। बैंक और जनता के बीच सरकार द्वारा लेनदेन के नियम रोजाना बदले जाने की वजह से भी भ्रम की स्थिति है।

ऐसे में आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक के नियमों को लेकर भी अनिश्चित्ता बनी रहती है। कई ऐसे मामले सामने आए हैं कि जब कई घंटे लाइन में लगने के बाद व्यक्ति बैंक में जाता है, तो उसे किसी नियम की वजह से लौटा दिया जाता है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
court says Ensure no public harassment over demonetisation
Please Wait while comments are loading...