बजट 2017: विदेशी निवेश से जुड़ा यह महत्वपूर्ण बोर्ड किया गया खत्म, जानें क्या थे इसके काम

वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड ( एफआईपीबी) को अब खत्म कर दिया गया।

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नई दिल्ली। बुधवार को 2017 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐलान किया कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) को अब बंद कर दिया जाएगा। बता दें कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड ही प्रधानमंत्री के कार्यालय में विशेष रूप से अधिकार प्राप्त बोर्ड केवल एक ऐसी एजेंसी है जो देश में निवेश संवर्धन करने के साथसाथ एफडीआई से संबंधित मामलों पर कार्यवाही करती थी।

बजट 2017: विदेशी निवेश से जुड़ा यह महत्वपूर्ण बोर्ड किया गया खत्म, जानें क्या थे इसके काम

इसके अध्यक्ष उद्योग सचिव (औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग) होते थे। साथ ही इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों,अप्रवासी भारतियों तथा अन्य विदेशी निवेशकों के माध्यम से देश में निवेश की सुविधा प्रदान करके भारत तथा विदेश में निवेश संवर्धन कार्यकलापों की शुरूआत करके भारत में एफडीआई का संवर्धन करना था।

इस बोर्ड को खत्म करने के बाद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के 90 फीसदी मामले अब ऑटोमेटिक तरीके से क्रियान्वित होंगे। जून 2016 में बोर्ड की पॉलिसी रिविजन के तहत 5,000 करोड़ रुपए से कम के निवेश प्रस्तावों के संबंध में सिफारिशें दे सकता है। ज्यादातर निवेश प्रस्ताव जो 5,000 करोड़ से कम के होते हैं उनके बारे में यह माना जाता है कि सभी प्रस्तवाव FIPB की ओर से जांचे गए हैं।

इस बोर्ड का काम था कि यह जल्द से जल्द विदेशी निवेश के प्रस्तावों को स्वीकृत करे, अन्य एजेंसियों को पारदर्शिता बनाए रखने और विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई को बढ़ावा देने का भी काम करती थी। यह बोर्ड विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकारी, गैर-सरकारी और तमाम अन्य उद्योगों से बात करता था। ये भी पढ़ें: बजट 2017: जेटली ने दी रेल यात्रियों को सौगात, IRCTC से टिकट बुकिंग हुई सस्‍ती

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English summary
What is the Foreign Investment Promotion Board (fipb) budget 2017
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