नोटबंदी पर जानकारी देने से मना करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा- किसी की जिंदगी को खतरा हो सकता है

भारतीय रिजर्व बैंक ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई कुछ जानकारियां देने से मना कर दिया है। इसके पीछे बैंक का तर्क है कि इससे किसी की जिंदगी को खतरा हो सकता है।

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रधानमंत्री द्वारा की गई नोटबंदी पर कुछ खास जानकारी देने से मना कर दिया है। बैंक ने इसके पीछ तर्क दिया है कि इससे किसी की जिंदगी और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ऊर्जा मंत्री पियूष गोयल ने संसद में कहा था कि इस कदम का सुझाव भारतीय रिजर्व बैंक ने दिया था, जिसे कैबिनेट ने स्वीकार किया और फिर 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा कर दी। एक आरटीआई से इस बात का खुलासा हुआ है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से सिर्फ 3 घंटे पहले ही नोटबंदी को अपनी मंजूरी दी थी और इसके बारे में इससे पहले कोई चर्चा नहीं हुई थी।

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हालांकि, कानूनविदों के एक पैनल से भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि सरकार ने नोटबैन पर विचार करने का सुझाव भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए सुझाव से एक दिन पहले ही दे दिया गया था। इसके बाद सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के सुझाव पर चर्चा करके नोटबंदी का फैसला लिया। इस मामले पर अधिक स्पष्टता तब आएगी, जब 20 जनवरी को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल संसदीय कमेटी के सामने अपनी बात रखेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक को खुद भी नहीं पता है कि नोटबंदी की घोषणा के बाद करीब 10 दिनों में कुल कितने नोटों की छपाई हुई है। मुंबई के एक आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगाली ने एक आरटीआई के जरिए 9 नवंबर से 19 नवंबर के बीच छपे नोटों के बारे में रिपोर्ट मांगी, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि इसकी जानकारी उसके पास भी उपलब्ध नहीं है।
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गलगाली ने पूछा था कि 9 नवंबर से 19 नवंबर के बीच 10, 20, 50, 100, 500 और 2000 रुपए के कितने नोट छापे जा चुके हैं। ऐसे में या तो वाकई में भारतीय रिजर्व बैंक को भी नहीं पता है कि इस दौरान रोजाना कितने नोट छप रहे थे या फिर वह इस बारे में कुछ बताना नहीं चाहता। भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 8 (1) (g) के तहत अगर भारतीय रिजर्व बैंक को ऐसा लगता है कि मांगी गई जानकारी किसी की सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो सकती है तो बैंक जानकारी देने से मना कर सकता है।

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English summary
RBI not giving some information on demonetisation saying it may be threat to life
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