पेट्रोल पंपों पर पड़ रहे छापे, नोटबंदी के दौरान कालेधन को सफेद करने का शक

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार की तरफ से कालेधन पर लगाम लगाने के अभियान के तहत अब आयकर विभाग ने देश भर के पेट्रोल पंपों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर छापे मारना शुरू कर दिया है। आयकर विभाग को शक है कि बहुत से पेट्रोल पंपों ने अपनी सामान्य बिक्री से अधिक बिक्री दिखाकर नोटबंदी के बाद बैन किए गए नोटों को खपाने का काम किया था। इस तरह से इन पेट्रोल पंपों ने कालेधन को सफेद करने का काम किया था।

पेट्रोल पंपों पर पड़ रहे छापे, नोटबंदी के दौरान कालेधन को सफेद करने का शक
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आपको बता दें कि 9 नवंबर से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को बंद कर दिया गया था, लेकिन पेट्रोल पंप समेत कुछ जरूरत की जगहों पर कुछ दिनों तक पुराने नोट चलाने की अनुमति दे दी थी। आयकर विभाग को शक है कि इसी दौरान कालेधन को सफेद किया गया है। इसी शक के आधार पर आयकर अधिनियम की धारा 133-ए के तहत आयकर विभाग पेट्रोल पंप के मालिकों की कैशबुक की जांच करने में जुट गया है। ये भी पढ़ें- सरकार ने दिए निर्देश, डिफॉल्टर्स का होगा फॉरेंसिक ऑडिट

विभाग इन छापों में यह पता करना चाहता है कि पंप मालिकों की तरफ से बैंक खातों में जमा कराई गई रकम और उनके कैशबुक में दिखा गई बिक्री से मिली रकम आपस में मेल खा रही है या नहीं। हालांकि, कुछ आयकर अधिकारियों का कहना है कि यह कोई छापा नहीं है, यह एक रूटीन सर्वे है जो एक निश्चित समय के बाद हमेशा किया जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी तक की छापेमारी से यह बात सामने आई है कि पेट्रोल पंप मालिकों ने औसत बिक्री से 15 फीसदी अधिक रकम बैंक खातों में जमा कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक 6 मार्च से ही पेट्रोल पंप और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स के ऑफिस में ये सर्वे किए जा रहे हैं और किसी तरह की अनियमितता पाए जाने पर जवाब मांगा जा रहा है। संतोषजनक जवाब न दे पाने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।

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English summary
raids on petrol pumps launched by income tax for black money crackdown
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