ब्याज दरें कम करने की जिम्मेदारी दूसरों के कंधे पर छोड़ गए राजन

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आज रघुराम राजन ने मौद्रिक नीति की समीक्षा पेश की है, जिसके तहत उन्होंने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट पहले की तरह ही 6.5 फीसदी रहेगा। साथ ही सीआरआर को भी बिना बदले इसकी दर 4 प्रतिशत ही रखी गई है। वहीं रिवर्स रेपो रेट भी पहले जितना यानी 6 प्रतिशत ही रहेगा। इसमें भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा एमएसएफ और बैंक रेट को बिना बदले 7 प्रतिशत पर छोड़ दिया गया है। रघुराम राजन बोले कि 2016-17 में जीडीपी की ग्रोथ 7.6 प्रतिशत रह सकती है।

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इस तरह अपनी आखिरी मौद्रिक नीति की समीक्षा में रघुराम राजन ने ब्याज दरों में कोई कमी या बढ़ोत्तरी न करते हुए उन्हें जस का तस छोड़ दिया है। ब्याज दरों में किसी भी तरह के बदलाव करने का फैसला राजन ने उस नई कमेटी पर छोड़ दिया है, जो इसके लिए बनाई गई है। आपको बता दें कि अगली मौद्रिक नीति की समीक्षा 4 अक्टूबर को पेश की जाएगी, जिसमें मौद्रिक नीति की समीक्षा की जिम्मेदारी एक छह सदस्यीय कमेटी की होगी।

अर्थशास्त्रियों का क्या था कहना?

जहां एक ओर महंगाई की मार झेल रहे लोग उम्मीद कर रहे थे कि जाते-जाते रघुराम राजन ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं, जिससे ईएमआई कम हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर, लाइव मिन्ट ने 10 अर्थशास्त्रियों से बात की थी, जिनमें से 9 का कहना था कि ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं होगी। रघुराम राजन ब्याज दरों को जस का तस रख सकते हैं और हुआ भी वैसा ही। राजन ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया।

 

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English summary
raghuram rajan presented monetary policy but all the rates keep unchanged.
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