नोट बदलने के लिए यहां लोग नहीं, उनके जूते, चप्पल और पासबुक लगाते हैं लाइन

बैंकों के बाहर नोट बदलने के लिए यहां लोग नहीं बल्कि उनके जूते-चप्पल लाइन लगाते हैं।

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नई दिल्ली। 8 नवंबर को सरकार ने 500-1000 के नोट बंद कर दिए। सरकार द्वारा नोटबंदी के ऐलान के बाद ही बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लाइनें लगने लगी। सुबह बैंक खुलने से लेकर देर रात तक लोग बैंकों के बाहर कतार में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं।

bank queues

घंटों तक कतार में खड़े रहना इतना आसान नहीं होता। लोग भूखे-प्यासे लाइन में लगे रहते है कि कहीं कुछ खाने जाए और उसकी सीट का कब्जा कर ले कोई। लेकिन कुछ लोगों ने इसका भी जुगाड़ ढ़ूढ लिया है। केरल और रायपुर के लोगों ने बैंकों की लाइनों में खड़े रहने से बचने के लिए अनोखी तरकीब निकाली है। 50000 रु. से अधिक कैश जमा कराने के लिए बैंक को दिखाना होगा अपना PAN कार्ड

केरल के ग्रामीण बैंक के बाहर लोगों के बजाए जूते-चप्पल और पासबुक की लाइनें लगी हुई है। वहीं छत्तीसगगढ़ के रायपुर में स्टेट बैंक ऑप इंडिया के शाखा के बाहर लोगों के पासबुक कतार में पड़ी हुईं है और लोग आराम से बैठे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। अगर आपके पास भी है LIC की कोई पॉलिसी तो फौरन पढ़ें ये खबर

इस तरकीब न ना तो किसी को घंटों खड़े रहने की जरुरत है और ना ही किसी से मारपीट करने की। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। केरल और रायपुर के लोगों की इस तरकीब को लोग थाईलैंड और जापान से जोड़ रहे हैं। जापान में लोग कतार लगने के बाजए इसी तरह से चप्पलों की लाइनें बना कर छोड़ देते हैं। जिसकी बारी आती है वो अपनी चप्पल पहनकर वहां से आगे बढ़ जाता है।

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English summary
Apparently, photos on social media show that instead of just standing in the line for long hours, people in Raipur and Kerala are booking their places using their footwear, or their passbooks! And people are loving it!
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