अजब-गजब: इस म्यूजियम में हैं दुनिया के 300 जानवरों के लिंग

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बेंगलुरु। वॉश‍िंगटन से खबर आयी कि मैनहैटन में रहने वाले 43 वर्षीय जोनाह फैल्कन ने आइसलैंड के एक म्यूजियम को अपना लिंग दान किया है। इस अजब गजब खबर के चर्चा में आने के बाद आइसलैंडिक फलोलोजिकल म्यूजियमम भी अचानक चर्चा में आ गया। तमाम सवाल आने शुरू हो गये- ये कैसा म्यूजियम है, किसने ऐसा म्यूजियम खोला, कैसे हुई स्थापना, क्या-क्या है इसके अंदर, वगैरह-वगैरह। तो चलिये हम आपको वो बातें बताते हैं, जिन्हें पढ़ने के बाद आपके भी होश उड़ जायेंगे। [म्यूजियम की तस्वीरें नीचे स्लाइडर में हैं]

फलोलोजिकल म्यूजियक की स्थापना

आईसलैंड का एक बच्चा सिगुरोर जार्टरसन आइसलैंड के गांव में रहता था, जहां पशुओं को चराने के लिये उसे रस्सी जैसी दिखने वाली एक वस्तु दी गई। यह बात 1974 की है। वो उस वस्तु को देख चकित था, उसने अपने दोस्त से उसके बारे में पूछा तो पता चला कि वह सांड का लिंग है, जिसे सुखाकर पशुओं को चराने के लिये उसे दिया गया है। सिगुरोर चकित रह गया। उसके दोस्त ने चार अन्य सांडों के लिंग लाकर उसे दिये। सिगुरोर ने वो सारे लिंग घर में संभालकर रख लिये।

कुछ महीने बाद उसे समुद्री तट पर स्थ‍ित व्हेलिंग स्टेशन पर जाने का मौका मिला, जहां उसे व्हेल के लिंग देखने को मिले। वह वहां से भी एक व्हेल का लिंग लेकर घर आ गया। इस छोटे से कलेक्शन ने सिगुरोर के अंदर लिंग इकठ्ठा करने की प्रेरणा जाग उठी और उसने तभी से अलग-अलग जानवरों के लिंग इकठ्ठा करने शुरू कर दिये। यही बच्चा आगे चलकर इतिहास का टीचर बना। हैमरेल्ड कॉलेज में पढ़ाने लगे। 1997 में 37 वर्ष की उम्र में उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया और अपने पुराने शौक की ओर चल पड़े। [किसे इंप्रेस करने के लिये गुदवाये जाते हैं टैटू]

म्यूजियम और मौत

सिगुरोर ने आइसलैंड में एक म्यूजियम की स्थापना की। जिसमें आज 300 से ज्यादा जीवों के लिंग व यौन अंग रखे हुए हैं। जब म्यूजियम में 93 छोटे जीव, 55 व्हेल, 36 सील अैर 118 जमीन पर रहने वाले जानवरों के लिंग एकत्र कर लिये, तब एक मानव लिंग की जरूरत महसूस हुई। जुलाई 2011 में अमेरिका के एक व्यक्त‍ि ने अपने लिंग को डोनेट करने पर हामी भर दी। उस वक्त म्यूजियम के डॉक्टरों की एक टीम फॉरमेलिन के जार में उस पेनिस को एकत्र करने के लिये पहुंची, लेकिन सही कार्य सही ढंग से नहीं हो पाने पर डोनर की मौत हो गई। उसका साइज मध्यम आकार का है। म्यूजियम को अभी भी उससे बड़ी या छोटी पेनिस की तलाश है। बड़ी की तलाश अब अमेरिका के जोनाह ने पूरी कर दी है।

(पढ़ें- अमेरिकी ने लिंग दान किया) आइसलैंड के इस म्यूजियम से जुड़ी कुछ रोचक बातें स्लाइडर में तस्वीरों के सामने जरूर पढ़ें

देखने वालों में 60% महिलाएं

यह आइसलैंड का प्रख्यात पर्यटन स्थल बन गया है। सालाना करीब 20 हजार पर्यटक आते हैं। खास बात यह है कि यहां आने वालों में 60 प्रतिशत महिलाएं होती हैं।

बनी फिल्म लोग करते हैं अध्ययन

इस म्यूजियम पर कनाडा में एक फिल्म 'दि फाइनल मेंबर' बनी। तमाम विश्वविद्यालय के एंथ्रोपोलोजी के छात्र यहां अध्ययन करने आते हैं।

गोरिल्ला और पोलर बियर के लिंग

इस म्यूजियम में कुत्ता, बिल्ला, बंदर, भेड़, बकरे, आदि से लेकर गोरिल्ला और पोलर बियर तक के लिंग रखे हैं।

एक घर में बनाया था संग्रहालय

इस संग्रहालय की स्थापना सिगुरोर ने एक घर में की, जहां पर पहले रेस्त्रां हुआ करता था। इस म्यूजियम को स्थापित करने में उसकी बेटी ने भी काफी मदद की। बाद में उसे शॉपिंग स्ट्रीट में एक कमर्श‍ियल बिल्ड‍िंग में श‍िफ्ट कर दिया गया।

कीमत 2.32 लाख डॉलर

आर्थ‍िक परेशानियों की वजह से म्यूजियम बंद करने की नौबत आ गई, लेकिन लंदन के एक व्यापारी ने इसे 2.32 लाख डॉलर में खरीद लिया। उसने लंदन श‍िफ्ट करने की बात कही, लेकिन सिगुरोर नहीं माने।

सरकार ने किया प्रोमोशन

इस संग्रहालय के क्रिएटिव आईडिया को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने इसका जमकर प्रोमोशन किया। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिये आर्थ‍िक सहायता प्रदान की।

सबसे बड़ा लिंग ब्लू व्हेल का

इस संग्रहालय में सबसे बड़ा लिंग ब्लू व्हेल का है। वह 170 सेंटीमीटर यानी 67 इंच का है। वजन 70 किलोग्राम। संग्रहालय में हाथी का लिंग रखा है, जिसकी लंबाई 1 मीटर है।

सबसे छोटा लिंग

इस संग्रहालय में हैम्स्टर का सबसे छोटा लिंग रखा हुआ है। जिसकी लंगाई मात्र 2 मिलीमीटर है। इसे देखने के लिये लेंस लगाना पड़ता है।

केमिकल ट्रीटमेंट

यहां रखे सभी लिंग केमिकल ट्रीटमेंट के बाद प्रदर्श‍ित किये जाते हैं। कुछ सुखाकर दीवारों पर लटका दिये जाते हैं तो कुछ फॉरमेलीन में रख दिये जाते हैं।

जिंदा रहते देखना चाहता है अपना लिंग

अमेरिका के एक व्यक्त‍ि ने संग्रहालय को पत्र लिखा है कि वो मरने से पहले अपना लिंग कटवाकर इस संग्रहालय में देखना चाहता है।

संग्रहालय के संस्थापक का लिंग

संग्रहालय के संस्थापक सिगुरोर ने खुद का लिंग भी म्यूजियम को दान कर दिया है। उन्होंने म्यूजियम में एक जगह निर्धारित कर वहां लिख दिया है, "अगर मेरी पत्नी मुझसे पहले मर गई तो मेरा लिंग यहां रखा जायेगा, यानी जीतेजी लिंग कटवाकर रख देगा, लेकिन अगर मैं पहले मर गया, तो पता नहीं क्या होगा, लेकिन मेरी इच्छा है कि मेरा लिंग यहां रखा जाये।"

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English summary
The Icelandic Phallological Museum, located in Reykjavík, Iceland, houses the world's largest display of penises and penile parts of various species.
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