बिहार ट्रेन हादसों का मास्टरमाइंड, कौन है दाऊद का संबंधी 'शमशुल होदा'

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पटना। डी कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम के संबंधी शमशुल हुदा ने चंद रुपयों की लालच देकर बिहार ट्रेन हादसे की साजिश रची थी। आपको बताते चलें की बिहार से सटे नेपाल की इंटरनेशनल सीमा के जरिये बेहद आसानी से भारतीय क्षेत्र में आवाजाही को देखते हुए पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अब भारत में आतंकी धमाके करने खातिर नई तकनीक ईजाद की है। यानी अब आतंकी घटनाओं को अंजाम देने खातिर फंडिंग कर भारतीय अपराधियों से ही दहशत का कारोबार चलाया जा रहा है। मतलब सीधे शब्दों में कहें तो आतंकी घटनाओं को आउटसोर्सिंग के जरिये अंजाम दिलाया जा रहा है ताकि इसमें सीधे पाकिस्तान का नाम न आये।

लेकिन पूर्वी चंपारण पुलिस के खुलासे के बाद अब यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पटना-इंदौर ट्रेन और अजमेर-सियालदह ट्रेन हादसे के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ था ? पूर्वी चंपारण पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है कि दुबई में बैठे शमशुल होदा के अपने लोगों के जरिये इन घटनाओं को अंजाम दिया था। Read Also: कानपुर ट्रेन हादसे के पीछे ISI का हाथ? जांच के लिए बिहार पहुंची यूपी ATS की टीम

शमशुल होदा ने रची ट्रेन हादसे की साजिश

शमशुल होदा ने रची ट्रेन हादसे की साजिश

विदित हो की पुलिस पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन में एक अक्टूबर 2016 को रेल पटरी पर मिले बम के मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान इस मामले में मोती पासवान नामक व्यक्ति की संलिप्तता सामने आयी। मोती से जब पूछताछ हुई तो ये सनसनीखेज खुलासा हुआ है। दरअसल दुबई में बैठे नेपाली कारोबारी शमसुल होदा ने ये साजिश रची थी। उसने नेपाल के कुख्यात अपराधी ब्रजकिशोर गिरी के जरिये पैसा भिजवाया। इसी पैसे से अपराधियों ने रेल पटरियों पर बम लगाया। पुलिस ने मोती पासवान से पूछताछ के आधार पर दिल्ली से दो और अपराधियों को धर दबोचा है। हालांकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मोतिहारी पुलिस ज्यादा कुछ बोलने से परहेज कर रही है।

पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

बकौल मोतिहारी एसपी जितेंद्र राणा ने कहा कि उमाशंकर पटेल, मोती पासवान, मुकेश यादव को रक्सौल के विभिन्न क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया था। इन तीनों से पूछताछ आधार पर दो लड़के अरुण राम और दीपक राम की नेपाल में हत्या के मामले का भी खुलासा किया गया।वही एसपी जितेंद्र राणा के पूछताछ के दौरान मोती पासवान ने खुलासा किया है कि पटना-इंदौर रेल हादसे में उसका हाथ था। नेपाल में बैठे ब्रजकिशोर गिरी ने इसके लिए पैसे दिए थे। नेपाल में ब्रजकिशोर गिरी, मुजाहिर अंसारी, शंभु उर्फ चंदू, गजेद्र शर्मा और राकेश यादव को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।

बक़ौल पुलिस अधीक्षक के पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन में रेलवे ट्रैक के पास बम ब्लास्ट होने के पहले खुलासा होने के कारण अरुण राम और दीपक राम की नेपाल में हत्या कर दी थी। जिनका शव नेपाल के जंगल से 20 अक्टूबर को मिला था। इन दोनों को घोड़ासहन में बम रखने के लिए तीन लाख रुपये दिये गये थे। लेकिन जब बम नहीं फटा तो दोनों को नेपाल बुलाकर मार डाला गया और उनकी हत्या का मोबाइल से वीडियो बनाकर दुबई शमशुल होदा को भेजा गया था। पुलिस की गिरफ़्त में आया मोती पासवान पूर्व चंपारण के आदापुर थाना के बखरी गांव का रहने वाला है। मारे गए दोनों अरुण राम और दीपक राम भी इसी गांव के रहने वाले थे। बखरी गांव भारत-नेपाल बॉर्डर पर नेपाल बॉर्डर से सटा हुआ गांव है। मोती पासवान के खिलाफ पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतमढ़ी में कुल 14 के करीब लूट और हत्या के मामले दर्ज हैं।

जानिए डी कंपनी के सदस्य शमशुल होदा के बारे में

जानिए डी कंपनी के सदस्य शमशुल होदा के बारे में

शमशुल होदा नेपाल का रहनेवाला है। वह दुबई में बिजनेस करता है। सूत्रों के अनुसार होदा का पाकिस्तान के आईएसआई और दाउद इब्राहिम से भी संबंध है। इस व्यक्ति पर पूर्व में भी भारतीय नकली करेंसी को लेकर कई बार नेपाल प्रहरी द्वारा दबिश डाली गई थी। वही भारतीय खुफिया एजेंसीज ने भी इसको लाल घेरे में रखा हुआ है।अब इस नए खुलासे में यह बात स्पष्ट हो गया है कि पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन और कानपुर में इंदौर-पटना रेल एक्सप्रेस के पीछे नेपाल के शमसुल होदा का ही हाथ है जो ब्रजकिशोर गिरी के जरिए आतंकी घटनाओं को अंजाम दिलाता रहा है। गौरतलब है कि 20 नंवबर 2016 को कानपुर के पास इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें 153 लोगों की मौत हुई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

वही अब यह बिलकुल साफ़ हो गया है कि आईएसआई अब आतंकी घटनों को अंजाम दिलाने खातिर आउटसोर्सिंग का रास्ता अख्तियार कर चुकी है। वही महज चंद रुपयों खातिर बिहार के स्थानीय अपराधियों को इस्तेमाल कर आतंकी घटनाओं को अंजाम दिलाने के इस नए ट्रेंड से ख़ुफ़िया एजेंसियां भी सकते में है।

कहीं कथित 'जैन' ही तो नहीं है शमसुल होदा

कहीं कथित 'जैन' ही तो नहीं है शमसुल होदा

पिछले माह कानपुर में हुए इंदौर- पटना एक्सप्रेस रेल हादसे में नेपाल में बैठे आईएसआई एजेंट ब्रजकिशोर गिरी का नाम आने के बाद यह आशंका बलवती हो गई है कि यह ब्रजकिशोर गिरी कहीं वही कथित आईएसआई एजेंट 'जैन' तो नहीं जिसने वर्ष 2001 में तत्कालीन बाजपेयी सरकार को अस्थिर करने की नियत से तहलका के संपादक तरुण तेजपाल और उनके सहयागी अनिरुद्ध बहल की हत्या की साजिश रची थी। तब त्तकालीन मंत्री एजाजुल हक व तत्कालीन सांसद शहाबुद्दीन की उपस्थिति में एजाजुल हक के पटना स्थित सरकारी आवास पर यह साजिश रची गई थी जिस बैठक में शहाबुद्दीन, एजाजुल हक, आईएसआई एजेंट जैन व कुख्यात अपराधी भूपेन्द्र त्यागी उर्फ अवधेश त्यागी मौजूद था। इस बैठक में मिले निर्देश और भारी मात्रा में मिले हथियार को लेकर ही भूपेन्द्र त्यागी और उसके सहयोगी तरुण तेजपाल की हत्या की नियत से दिल्ली पहुंचे थे पर वह घटना को अंजाम दे पाते इसके पूर्व ही सभी लोधी कॉलोनी पुलिस द्वारा दबोच लिए गए। लोधी कॉलोनी पुलिस द्वारा इस मामले में दर्ज प्राथमिकी (154/2001) में भूपेन्द्र त्यागी ने अपने इकबालिया बयान में इन सारी बातों का तब जिक्र किया था। भूपेन्द्र त्यागी ने तब अपने बयान में यह भी कहा था कि कथित जैन देखने में भारतीय लग रहा था पर उर्दू भाषा भी बोलता था। उस कथित जैन का संबंध भारत के मोस्ट वांटेड अंडरवर्ल्ड किंग दाऊद इब्राहीम से भी है।

तरुण तेजपाल की हत्या की साजिश के पूर्व हज यात्रा के दौरान शहाबुद्दीन की दाऊद इब्राहीम से सऊदी अरब के मीका में मुलाकात इसी कथित आईएसआई एजेंट जैन ने ही करायी थी। इस मुलाकात की चर्चा केन्द्रीय खुफिया एजेंसी ने भी वर्ष 2001 में शहाबुद्दीन पर बनायी गई अपनी एक गोपनीय रिपोर्ट में दी है। मोतिहारी व नेपाल पुलिस द्वारा कानपुर रेल हादसा और घोड़ासहन में रेल हादसा कराने की साजिश रचने वाले गिरफ्तार किए मोती पासवान सहित छह एएसआई एजेंट की गिरफ्तारी और इस हादसे के मुख्य साजिशकर्ता आईएसआई एजेंट शमशुल होदा का नाम आने के बाद यह आशंका पैदा हो रही है कि 2001 में तरुण तेजपाल की हत्या की साजिश रचने वाला कथित जैन ही तो नहीं नेपाल की नागरिकता प्राप्त कर शमशुल होदा के नाम सहित कई अन्य कई छद्म नामों से नेपाल और कभी दुबई में रह कर भारत और बिहार को अस्थिर करने की साजिश तो नहीं रच रहा। यह जैन या शमशुल होदा कौन है इसका खुलासा या तो पूर्व सांसद शहाबुद्दीन या उनके बहनोई पूर्व मंत्री एजाजुल हक ही कर सकते हैं।

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English summary
The man behind the Kanpur train accident is believed to be a man called Shamsul Hoda, who stays in Delhi, and Brajkishore Giri, a resident of Nepal.
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