नमाज पढ़ रहे अब्‍बा को गब्‍बर ने गोली से उड़ाया

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नई दिल्ली। बाप खुदा की इबादत कर रहा था और बेटे ने उसके सिर में गोली मार दी ये कहानी फिल्मी नहीं है बल्कि सच्ची घटना है। छह भाई-बहनों में गब्बर खां पिता का सबसे दुलारा बेटा था पिता उसे हमेशा अपने साथ रखते थे। जब भी वो गलती करते डांटते और सही राह पर चलने की सीख देते थे। लेकिन उन्हें क्या पता था जिसे वो बड़ा आदमी बनाना चाहते है वो उनकी ही हत्या कर देगा। बिहार के गया जिले में शेरकी-चेरकी रोड स्थित खंडैल गांव में 14 साल के एक बेटे ने अपने पिता को नमाज पढ़ते वक्त गोली मार दी और फरार हो गया।

नमाज पढ़े रहे पापा की हत्या

नमाज पढ़े रहे पापा की हत्या

पुलिस आरोपी बेटे के तलाश में छापेमारी कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर 14 साल के सलमान उर्फ गब्बर खां ने किन वजहों से अपने अबू को मार डाला। शुक्रवार को गुलाम नबी खान अपने घर में सहरी के बाद फजिर की नमाज पढ़ रहे थे। तभी उनका मंझला बेटा आया और उनके सिर में पीछे से गोली मार दी। गुलाम नबी खान की मौत मौके पर ही हो गई। गोली चलने की आवाज सुन कर नबी खान की पत्नी जब बाहर आई तो देखा की उनके पति लहूलुहान पड़े हुए है।

हत्यारे बेटे की तलाश में पुलिस

हत्यारे बेटे की तलाश में पुलिस

मृतक की पत्नी शकीला खातून के मुताबिक गुलाम नबी खान ने बेटे को किसी मामूली बात पर फटकार लगायी थी इसको लेकर वह नाराज चल रहा था। शकीला खातून का बयान लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और ये जानने की कोशिश कर रही है की आखिर गब्बर सिंह ने अपने पिता को क्यों मारा है। मृतक गुलाम नबी खान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक सेल के जिलाध्यक्ष थे। पुलिस इस हत्या की जांच कई एंगल से कर रही है।

क्या बेटा इस हद तक जा सकता है?

क्या बेटा इस हद तक जा सकता है?

पूरे इलाके में ये चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक बेटे ने अपने पिता की हत्या क्यों की ?। ग्रामीण इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि क्या एक बेटा मामूली सी डांट पर अपने पिता की हत्या कर सकता है। जितने मुंह उतनी बाते हो रही है। इन सब के बीच सवाल है कि एक बेटा इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि अपने पिता की हत्या कर वो भी उस पिता की जो उसे जान से ज्यादा चाहते थे।

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English summary
Son shots his father during namaj and absconded
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