साइकिल से देश का चक्कर लगाकर लौटी बिहार की बेटी, नीतीश को बताएंगी महिलाओं का हाल

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

पटना। देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार को देख बिहार की एक बेटी ने एक ऐसा प्रयास किया जिसे देख सभी लोग उस के हौसले को सलाम करने लगे। महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार को देख इसने देश के लगभग 29 राज्यों के चक्कर साइकल से घूम-घूमकर लगाए और गांव-गांव जाकर महिलाओं को सुरक्षा का संदेश देकर उन्हें जागरुक किया।

साइकिल से देश का चक्कर लगाकर लौटी बिहार की बेटी, नीतीश को बताएंगी महिलाओं का हाल

साइकल से पूरे देश की यात्रा करने वाली बिहार के छपरा जिला के रहने वाली सरिता महतो जिसने दिल्ली में हुए दर्दनाक निर्भया कांड से प्रेरणा लेते हुए बिना थके 29 राज्यों का दौरा किया और गांव में जाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरुक किया। देश का दौरा करने के बाद वो कल शाम बिहार के अररिया जिला पहुंची जहां लोगों ने उस का जोरदार स्वागत करते हुए उसके हौसले को सलाम किया।

साइकिल से देश का चक्कर लगाकर लौटी बिहार की बेटी, नीतीश को बताएंगी महिलाओं का हाल

साइकल से देश की यात्रा करने वाली सरिता जब अररिया जिला पहुंची तो बातचीत के दौरान उसने कहा कि वो पढ़ाई-लिखाई कर अपने परिवार की परवरिश के लिए अच्छी नौकरी करना चाह रही थी। लेकिन जैसे ही दिल्ली में निर्भया कांड सुना उसके बाद मेरा मन इतना उचट गया कि महिलाओं में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए मैंने साइकिल से पूरे देश का दौरा करने का मन बनाया। मेरे इस काम में मेरी एक सहेली भी थी लेकिन वो मेरे साथ ज्यादा दूर तक नहीं चल पाई। कुछ दिन साथ चलने के बाद वो काफी बीमार हो गई। जिसके बाद बीच रास्ते से ही लौट गई। सहेली के रास्ते से लौटने के बाद भी मेरा हौसला कम नहीं हुआ और मैंने अकेले ही 29 राज्यों का दौरा किया। जिसमें गांव और शहर की महिलाओं के बीच जाकर आत्मनिर्भर बनने और मुसीबत पड़ने पर लोगों का सामना करने की बात बताई। मैने ये यात्रा पिछले साल 28 जनवरी को शुरू की थी।

साइकिल से देश का चक्कर लगाकर लौटी बिहार की बेटी, नीतीश को बताएंगी महिलाओं का हाल

सरिता ने इस मुहिम को चालू करने के पीछे अपना मकसद बताते हुए कहा कि आजकल के बढ़ते जमाने में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार और तेज हमले को लेकर जहां सरकार के द्वारा कई तरह के कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। फिर भी महिलाएं अपनी अस्मत को बचाने में नाकामयाब रहती हैं। इसके लिए सबसे पहले महिलाओं को शिक्षित होना जरूरी होगा। जिसके बाद वो किसी भी समस्या और मुसीबतों का हल खुद कर सकती हैं। फिर इसी सब बात को लेकर मैं साइकिल से देश की यात्रा पर निकल गई। रोजाना सौ किलोमीटर से ज्यादा साइकिल चलाते हुए महिलाओं के पास पहुंचती थी और उन्हें सुरक्षा का संदेश देती थी।

साइकिल से देश का चक्कर लगाकर लौटी बिहार की बेटी, नीतीश को बताएंगी महिलाओं का हाल

आने वाली 18 जुलाई को मैं साइकिल से पटना के गांधी मैदान पहुंचूंगी जहां मेरी ये मुहिम खत्म हो जाएगी। फिर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर उनसे देश की महिलाओं की हालत बताएंगे। साथ ही सरिता ने बताया कि उन्होंने अपना आदर्श देश में पहली बार पर्वत पर चढ़ने वाली महिला बछेंद्री पाल को माना है। साइकिल से यात्रा कर महिलाओं के बीच जाने का मकसद सिर्फ महिला सुरक्षा ही नहीं बल्कि हर महिला को जागरुक करना भी था ताकी निर्भया जैसी दर्दनाक घटना फिर दोबारा किसी के साथ नहीं घटे।

Read more: निवाले की खातिर अपने 'जिगर का टुकड़ा' बेच रहा था बाप

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Positive story of bihar girl on women empowerment
Please Wait while comments are loading...