मिसाल: सरकार नहीं बना पाई तो लोगों ने खुद बना लिया 20 लाख का पुल

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मुजफ्फरपुर। सरकार के द्वारा किए जाने वाले तमाम वादे उस वक्त धराशाई हो जाते हैं जब सरकार के आश्वासन सुन सुन कर थक चुके लोग खुद अपने आप समस्या का समाधान करने के लिए क्षेत्र में निकल पड़ते हैं। कुछ इसी तरह का मामला बिहार के मुजफ्फरपुर में सामने आया है। जहां पिछले 20 वर्षों से सरकार और उनके प्रतिनिधियों से गांव वालों के द्वारा आने-जाने के लिए एक पुल बनाने की मांग की जा रही थी। लेकिन हर बार सरकार के द्वारा आश्वासन दिया जाता था कि जल्द ही पुल बना दिया जाएगा। वहीं, चुनाव के वक्त पुल का मुद्दा बड़ी जोर-शोर में उठता था लेकिन चुनाव खत्म हो जाने के बाद पुल का काम करवाना तो दूर उस रास्ते से गुजरने के लिए नेता कतराने लगते थे। पिछले कई वर्षों से बांस की चचरी के सहारे नदी पार करने पर मजबूर लोगों ने खुद अपने पैसे से पुल बनाने का फैसला किया और इसे पूरा भी किया।

मिसाल: सरकार नहीं बना पाई तो लोगों ने खुद बना लिया 20 लाख का पुल

बिहार के मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड की जहां के लोगों ने सरकारी आश्वासन और उनकी व्यवस्थाओं से तंग आकर खुद नदी पार करने के लिए पक्का पुल बनाने का निर्णय लिया और बुलंद हौसले की वजह से गांव वालों ने 20 लाख रुपए की लागत से पक्का पुल का निर्माण करवाया। बता दें कि कटरा प्रखंड में बागमती नदी की धार जब से बदली है तब से सरकारी पुल का निर्माण नहीं करवाया गया है। पुल का निर्माण नहीं करवाने को लेकर आसपास के लोगों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई बार इस मामले की जानकारी सरकार को भी दी गई लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ भी नहीं मिला। जिसे देखते हुए आज से लगभग दो दशक पहले लोगों ने बांस का एक कच्चा पुल बनवाया तब जाकर एक जगह से दूसरी जगह जाने का रास्ता निकल पाया। हर वर्ष बांस के पूल की रिपेयरिंग भी की जाती थी। खासकर यह पुल बरसात के दिनों में काफी खतरनाक हो जाता था। कई बार इस पुल पर कई गंभीर हादसे भी हुए हैं।

लेकिन सरकार के द्वारा इस पुल को बनाने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। जिसे देखते हुए वहां के ग्रामीणों और युवाओं ने खुद पुल बनाने का फैसला लिया और गांव वालों की मदद से 20 लाखों रुपये खर्च कर एक पीपा पुल बनवाया। 2 सौ फीट लंबे इस पीपा पुल की देख-रेख के लिए गांववालों के द्वारा पुल के रास्ते आने-जाने वाले वाहनों से टैक्स भी वसूला जाता है। ताकि पुल की देख-रेख और रिपेयरिंग का काम सही समय पर किया जा सके।

इस पुल को बनाने को लेकर गांववालों का कहना है कि लगभग पिछले 20 वर्षों से हम लोग सरकार से पुल बनाने की मांग कर रहे थे लेकिन हर बार यही आश्वासन मिलता था कि जल्दी ही पुल का काम शुरू करवा दिया जाएगा। यही सुन सुन कर जब हम लोग थक गए तो खुद ही पुल बनाने का फैसला किया। गांव के लोगों से पैसा चंदा कर यह पुल बनाया गया है। ये भी पढे़ं: वाराणसी: दुर्घटना स्थल की जानकारी परिवार को देगा ये हाईटेक हेलमेट

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English summary
muzaffarpur people built a bridge at own expense in bihar, villager has been demanding for last 20 years to make bridge.
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