भोपाल जेल के गार्ड की आंखों देखी, निहत्थे ही आतंकियों से भिड़ गए थे रमाशंकर

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भोपाल। भोपाल जेल से फरार होने के बाद एनकाउंटर में मारे गए सिमी के आठ आतंकियों ने जेल से भागते हुए हेड कांस्टेबल रमाशंकर की हत्या कर दी थी। इस दौरान रमाशंकर के साथ गार्ड चंदन अहीरवार भी था, जिसकी आंखों के सामने ये सब हुआ।

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रविवार और सोमवार की दरमियानी रात तो भोपाल जेल में रमाशंकर के साथ चंदन भी ड्यूटी पर थे। चंदन पर भी आतंकियों ने हमला किया था लेकिन वो बच गए। चंदन से एनडीटीवी ने बात की तो उन्होंने उस खौफनाक रात की कहानी बयां की।

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चंदन बताते हैं कि हादसे की रात को वो रमाशंकर के साथ राउंड पर निकले थे। इसी दौरान आतंकियों ने हम दोनों को ही अगवा कर लिया।

उन्होंने बताया कि निहत्था होने के बावजूद हेड कॉन्स्टेबल रमाशंकर यादव ने आतंकियों को रोकने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने रमाशंकर का गला काट दिया।

बांध दिए थे चंदन के हाथ-पैर

चंदन के मुताबिक, इसके बाद उन लोगो उनके हाथ-पैर बांध दिए और एक सेल में बद कर दिया। जिसके बाद वो आतंकी जेल की दीवार फांद भाग गए।

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आपको बता दें कि भोपाल जेल से सोमवार रात को आठ कैदी फरार हो गए थे। ये सभी सिमी के सदस्य थे। बाद में पुलिस ने इनको एनकाउंटर में मार गिराया।

इन्होंने भागने से पहले जेल में हेड कांस्टेबल रमाशंकर यादव की हत्या कर दी थी। हालांकि इस एनकाउंटर, जेल से फरारी, रमाशंकर की मौत और पुलिस की भूमिका पर कई सवाल भी उठ रहे हैं।

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English summary
bhopal Jailbreak witness tells the ramashankar murder story
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