कावेरी पर बोले सिद्धारमैया- हमें कोर्ट का आदेश लागू करना ही होगा

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नई दिल्ली। कावेरी पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद कर्नाटक में फैली हिंसा के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि हम काफी समय से कावेरी मुद्दे पर अन्याय का शिकार हो रहे हैं।

Siddaramaiah

उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को दिए गए निर्णय को लागू न कर पाने की वजह न्यायालय का कल (12 सितंबर) का फैसला है। लेकिन हमें उस समस्या का सामना करना होगा। हमें वह निर्णय लागू करना होगा जिसका निर्देश न्यायपालिका ने दिया है।

उन्होंने कहा कि लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आदेश के मुताबिक हमें 6 दिन पानी छोड़ना होगा। आदेश का पालन करना कठिन है लेकिन तब भी हम सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पालन करेंगे।

चाहूंगा मीडिया का सहयोग

सिद्धारमैया ने कहा कि हालात को सामान्य करने के लिए मैं मीडिया का सहयोग चाहूंगा।

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उन्होंने इस बात की घोषणा भी की कि पुलिस की फायरिंग में जिसकी भी जान गई है सरकार की ओर से उसे 10 लाख रुपए की सहायता धनराशि प्रदान की जाएगी।

सिद्धारमैया ने हा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लागू करना काफी कठिन है लेकिन यह बात सुनिश्चित की जाएगी कि बैंगलोर,मैसूर,मांड्या और कावेरी बेसिन के अन्य इलाकों में पानी पर्याप्त मात्रा में  मौजूद रहे।

पत्रकार की ओर से यह सवाल पूछे जाने पर कि क्या आज पानी छोड़ा जाएगा इस पर सिद्धारमैया ने कहा हां हमे आज आज पानी छोड़ना होगा।

सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए लिखा है। सिद्धारमैया ने बताया कि पीएम मोदी से उनकी संभवतः कल मुलाकात हो सकती है।

न्यायपालिका में पूरा भरोसा

सिद्धारमैया ने इस बात की जानकारी दी कि जहां गणेश चतुर्थी, ओणम और ईद-उल-अजहा मनाया जा रहा है वहां हमने सुरक्षा बल तैनात कर रखे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सच है कि हिंसा हर समस्या का हल नहीं हो सकती। हमें समाज में शांति और सौहार्द स्थापित करना होगा। दिक्कत कल मैसूर रोड पर बढ़ गई इसलिए हमें सुरक्षा बल मंगाना पड़ा।

सिद्धारमैया ने कहा कि हमें न्यायपालिका में पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि वो पीएम मोदी से अनुरोध करेंगे कि वे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री को भी बुलाएं।

कुछ इलाकों में चलने लगी बस

कावेरी विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद कर्नाटक में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब धीरे-धीरे सामान्य होने की ओर है। हालांकि अभी भी बेंगलुरु के 16 इलाकों में कर्फ्यू लागू है। बसे वहां नहीं जा रही हैं जहां कर्फ्यू लगा है।

पुलिस के मुताबिक बेंगलूरु महानगर परिवहन निगम की सेवा शुरू हो गई है। हेग्गनहल्ली इलाके में सुरक्षाबलों को खासी निगरानी करनी पड़ रही है क्योंकि यहीं सोमवार रात हुई फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक और तमिलनाडु के लोगो की है कि वे संवेदनशीलता प्रदर्शित करें, और अपने नागरिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखें।

उन्होंने कहा कि हाल में हुई घटनाओं का मुझे दुःख है। एक लोकतंत्र में आपसी बातचीत और संयम से ही समाधान मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि 'मुझे विश्वास है कि आप राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखेंगे। सद्भाव को प्राथमिकता दें और हिंसा को दरकिनार करते हुए समाधान खोजें।'

वहीं राज्यसरकार ने कहा है रि 

कांग्रेस ने सिद्धरमैया नहीं देंगे इस्तीफा

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इससे पहले कांग्रेस नेता विरप्पा मोइली ने कहा है कि नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर साइलेंट मोड में है। उनके पास दुनिया घूमने का समय है लेकिन कावेरी मुद्दे पर ध्यान देने का समय नहीं है। उन्हें राज्य के मुख्यमंत्रियों से बात करनी चाहिए।

इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा है कि सिद्धरमैया इस्तीफा नहीं देंगे। कांग्रेस एक बार फिर से कानूनी सहारा लेने का विचार कर रही है।

वहीं कर्नाटक सरकार ने सोमवार(13 सितंबर) को प्रदर्शन ने मारे गए प्रदर्शनकारी को 5 लाख रुपए की सहायता धनराशि देने की घोषणा की है।

विजयनगर में पुलिस ने उग्र प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए टियरगैस फायर किया है। वहीं मांड्या में विरोध प्रदर्शन जारी है।

हिंसा परेशान करने वाली

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इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा है कि कर्नाटक और तमिलनाडु में कावेरी के मुद्दे पर हिंसा परेशान करने वाली है। यह किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि लोग राज्यों के विकास में काफी सहयोग कर रहे हैं, वो जहां चाहते हैं उन्हें वहीं रहने दिया जाए , उन्हें असुरक्षित महसूस न होने दिया जाए।

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बता दें कि सोमवार से हिंसक हुए विरोध प्रदर्शन में अब तक 1 की मौत हो चुकी है। वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए हैं।

पुलिस ने स्थानीय टीवी चैनलों और केबल ऑपरेटर्स को आदेश दिए हैं कि ऐसी कोई भी चीज प्रसारित न की जाए जिससे हिंसा भड़के। पुलिस ने कहा कि ऐसा कोई भी प्रोग्राम नहीं दिखाया जाएगा जो शांति और कानून व्यवस्था के खिलाफ होगा।

पुलिस ने जारी किए फोन नंबर

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बेंगलुरु पुलिस ने इस बात की जानकारी दी है कि पूरे शहर में सुरक्षा के सारे इंतजाम किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में 100 नंबर डायल कर रिपोर्ट करें।

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बताया गया कि पूरे शहर में 15,000 पुलिस बल और 270 होयसल वाहन सवार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

बता दें कि होयसल वाहन पुलिस के गश्ती वाहन होते हैं और ये आउटपोस्ट की तरहकाम करते हैं। बेंगुलरु पुलिस ने कहा कि 'हम अपना काम कर रहे हैं। आप सुरक्षित हैं।'

पुलिस ने वाट्सएप नंबर भी जारी किया है। बेंगलुरु पुलिस की ओर से कहा गया है कि आपातकाल अथवा किसी भी समस्या पर उन्हें 9480801000 या 155365 पर सूचित किया जा सकता है।

पुलिस ने दावा किया है कि स्थिति शांत है और शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी

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इस मसले पर कर्नाटक के कानून मंत्री ने कहा यह नाजुक समय हैं। कानून व्यवस्था को बनाए रखाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के किसानों का हित सुरक्षित करने के लिए सभी सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

इस तरह चाकचौबंद है सुरक्षा

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English summary
pro annada activist protests in Bengaluru on cauvery river dispute.
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