प्रधानमंत्री जी मैं कैंसर पीड़ित पिता को छोड़ लाइन में खड़ी नहीं हो सकती

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आगरा। नोटबंदी के फैसले के चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन आगरा की जूही ने जब नोटबंदी से हो रही दिक्कत के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया तो उसकी चर्चा सोशल मीडिया पर काफी हो रही है।

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मां नहीं हैं
जूही ने ट्वीट करके कहा है कि मैं पैसा निकालने के लिए मैं बैंक की लाइन में खड़ी नहीं हो सकती क्योंकि मेरे पिता काफी बीमार है, कृप्या मेरी मदद कीजिए। जूही ने ना सिर्फ पीएम मोदी बल्कि यूपी के सीएम अखिलेश यादव से भी मदद की गुहार लगाई है।

25 वर्षीय जूही के पिता जिनकी उम्र 52 वर्ष है उन्हें मुंह का कैंसर है, वह पहले से ही आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही है, लेकिन बैंकों की कभी ना खत्म होने वाली लाइन ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।

घर में पिता अकेले

जूही का कहना है कि पैसे ना होने की वजह से वह बैंक से पैसे नहीं निकाल पा रही है। उन्होंने कहा कि मैं अपने बीमार पिता को घर में अकेले नहीं छोड़ सकती हूं, मैं घर में अकेली हूं जो पिता का खयाल रख रही हूं, मेरी मां तीन साल पहले चल बसी हैं।

एक भाई बीमार, एक की सैलरी से चल रहा घर

जूही ने बताया कि उनके दो भाई हैं लेकिन एक काफी बीमार हैं जिसका हरिद्वार में इलाज चल रहा है। जबकि दूसरा भाई प्राइवेट नौकरी करता है, उसकी सैलरी से ही घर चलता है। जूही की मां का देहांत भी कैंसर की वजह से हुआ था और वह अपने पिता को नहीं खोना चाहती हैं।

पिता के ऑपरेशन के लिए नहीं हैं पैसे

जूही ने बताया कि उनके पिता जूते के व्यापार में थे और वह काफी अच्छा चल रहा था, लेकिन जब मां को कैंसर हुआ तो आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गई। जूही का कहना है कि उनके पास पिता के ऑपरेशन के लिए पैसे नहीं हैं, वह हर महीने 6000-7000 रुपए की दवा नहीं खरीद सकते हैं।

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English summary
Juhi from Agra tweets to PM she can not stand never ending bank queue. She says I can not leave my ailing father alone at home.
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