कसाब को पकड़ने के लिये तुकाराम को देश का धन्यवाद

महाराष्ट्र पुलिस के असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर तुकाराम रिटायर्ड सैन्यकर्मी थे, जिन्होंने पुलिस ज्वाइन की थी। 26/11 2008 को जिस समय मुंबई में मौत बरस रही थी, उस समय तुकाराम ने एक आतंकवादी को मार गिराया। यही नहीं उन्होंने अजमल कसाब के पैर पर गोली मारी और उसे धर दबोचा। कसाब को पकड़ने के तुरंत बाद ओम्बले ने अपनी टीम को सूचना दी। जितनी देर में टीम के अन्य पुलिसकर्मी वहां तक पहुंचे, उतनी देर में कसाब ने तुकाराम के सीने को गोलियों से छलनी कर दिया।
देखें- कसाब को फांसी के बाद देश भर में जश्न
तुकाराम मौके पर ही शहीद हो गये, लेकिन देश के लिये एक बड़ा काम कर गये। उनकी गोली से घायल हुआ कसाब एक कदम नहीं चल सकता था। पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत गिरफ्तार किया और वैन में डाल दिया। चार साल तक अर्थर रोड जेल में बंद रखने के बाद बुधवार की सुबह कसाब को फांसी दे दी गई।
इस बीच तुकाराम को अशोक चक्र से नवाजा गया। सीएनएन ग्रुप ने उन्हें मैन इंडियन ऑफ द ईयर के खिताब से नवाजा। मरणोपरांत इन पुरस्कारों से शायद तुकाराम की आत्मा को शांति नहीं मिली होगी, जितनी शांति आज मिली होगी। पूरे देश की ओर से वनइंडिया एक बार फिर देश के सिपाही तुकाराम ओम्बले को नमन करता है।
साथ में हम नमन करते हैं 26/11 हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे, संदीन उन्नीकृष्णन, विजय सालस्कर, अशेक कामटे और हवलदार गजेंदर सिंह को। इन लोगों ने देश के लिये लड़ते-लड़ते अपने प्राण न्योछावर कर दिये।
तुकाराम ओम्बले को वनइंडिया की खास श्रद्धांजलि।












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