जनता सोचे कि क्‍या ऐसे चलेगा देश: प्रधानमंत्री

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीएजी की रिपोर्ट पर विपक्ष द्वारा किए गए हमलावर रूख की कड़ी आलोचना की है। पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कोयला आवंटन से जुड़ी कैग की रिपोर्ट पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। कोयला घोटाले को लेकर संसद में चले हंगामे की बलि मानसून सत्र चढ़ गया। विपक्ष द्वारा ऐसा करना लोकतंत्र के लिए घातक है।

प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की याद दिलाते हुए कहा कि हम किस दिशा में बढ़ रहे है, क्‍या यही लोकतंत्र के लिए सही है? विपक्ष को संसद का सम्‍मान करना चाहिए। अगर रिपोर्ट पर संसद में चर्चा होती, तो कुछ हल जरूर निकलता। इस समय देश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए थी। उन्‍होंने कहा कि हम संसद में कोयला आवंटन मामले पर बहस करना चाहते थे, लेकिन विपक्ष अपना जोर कार्यवाही स्‍थगित करने में लगाता रहा।

उन्‍होंने कहा कि आज भारत सांप्रदायिकता, क्षेत्रीय और नस्‍लीय तनाव, आतंकवाद आदि समस्‍याओं से जूझ रहे है। दुनिया मंत्री की गिरफ्त में आ रही है, और भारत का उसपर कोई ध्‍यान नहीं है। उन्‍होंने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र को पूरी तरह से नकार दिया है। प्रधानमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई की संसद के अगले सत्र में कामकाज सुचारु रूप से चल सकेगा।

मनमोहन ने कहा कि हम कैग जैसी संस्‍था का बहुत सम्‍मान करते है, लेकिन अगर हम इस संस्‍था का सम्‍मान करते हैं, तो हमें इसके निष्‍कर्षों पर लोक लेखा समिति पर चर्चा होनी चाहिए, जिसके लिए हम हमेशा से ही तैयार थे। गौरतलब है कि भाजपा ने पीएम का इस्‍तीफा, आवंटन पर निष्‍पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर संसद में 13 दिन जमकर हंगामा हुआ।

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English summary
PM Manmohan Singh blamed the NDA for the washout of Parliament's monsoon session, which ended on Friday.
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