असम में युवती के चीरहरण में पत्रकार बना दुर्योधन

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guwahati
गुवाहाटी। गुवाहाटी में 11 जुलाई की रात एक पब के बाहर एक युवती को 20 से ज्‍यादा युवक पीटते हैं, उसके कपड़े फाड़ते हैं और फिर उसे नंगा करने की कोशिश करते हैं। और तो और एक व्‍यक्ति इस घिनौनी हरकत का वीडियो तक बनाता है। यही नहीं बाद में वीडियो को इंटरनेट पर डाल दिया जाता है। जरा सोचिये यह वीडियो इंटरनेट पर क्‍या सोच कर डाला गया? क्‍या लड़कों की उससे कोई दुश्‍मनी थी, नहीं! यह काम सिर्फ मजा लूटने के लिये किया गया।

इस वाक्‍ये को देखने के बाद क्‍या आपको लगता है कि समाज में शिक्षा का स्‍तर ऊपर उठा है? क्‍या सीना ठोक कर कह सकते हैं कि आपकी पुलिस हाईटेक हो गई है? क्या आप अपने देश के युवाओं पर गर्व कर सकते हैं? शायद कभी नहीं! क्‍योंकि गुवाहाटी में हुई दिल को दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर इस बात का एहसास करा दिया है की देश पुरुषप्रधान समाज में फलफूल रहा है, जहां महिलाओं का कोई अस्तित्त्व नहीं है। महिलाओं को आज भी हम भोग की ही वास्तु समझा जाता है। उन्हें अपनी भोग, वासना को शांत करने का माध्यम माना जाता है।

पुलिस और सरकार का सुस्‍त रवैया

तीन दिन बाद जब यह मामला प्रकाश में आया तब जाकर पुलिस हरकत में आयी। यही कारण है कि अब तक महज चार लोगों को गिरफ्तार किया जा सका है। अगर उसी समय पुलिस ने ऐक्‍शन लिया होता तो करीब-करीब सभी दरिंदे सलांखों के पीछे होते। मुख्‍यमंत्री तरुण गोगोई ने मुजरिमों की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का अल्‍टीमेटम दिया था। लेकिन अल्‍टीमेटम खत्‍म हो चुका है। अब तक शायद सभी आरोपी असम छोड़ चुके होंगे।

पत्रकार बना दुर्योधन

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने गुरुवार को मीडिया की तारीफ की, कि उसी की वजह से यह मामला उनके संज्ञान में आया है और पुलिस भी मीडिया के दबाव में सक्रिय हुई। लेकिन यह क्‍या असम का एक पत्रकार ऐसा भी है, जिसने मीडिया का सिर शर्म से झुका दिया है।

टीम अन्‍ना और उनके सदस्यों की मानें तो इस घटना का वीडियो एक स्‍थानीय टीवी चैनल के पत्रकार ने ही बनाया था। टीम अन्‍ना के सक्रिय सदस्‍य अखिल गगोई के मुताबिक पत्रकार का साथ यूथ कांग्रेस का नेता अमर ज्‍योति कलिटा ने दिया था। यानी जिस समय असम में युवती 20 दुष्‍शासन युवती का चीरहरण कर रहे थे, तब एक पत्रकार दुर्योधन बनकर मजा ले रहा था और फुटेज तैयार कर रहा था।

मामले की जांच में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं हो, लिहाजा टीम अन्‍ना ने इसमें सीबीआई जांच की मांग की है। दूसरी ओर, पूरे मामले की जांच के लिए महिला आयोग की टीम आज गुवाहटी पहुंचने वाली है।

ने किया है। गोगोई ने अपने आरोपों के पक्ष में सुबूत होने का भी दावा किया। उन्‍होंने कहा कि उनके पास एक वीडियो है, जिसे वह डीजीपी को सौंपने के बाद सबके सामने भी लाएंगे। गोगाई ने जिस टीवी चैनल के रिपोर्टर पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है, उसके संपादक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

घटना ने उठाये कई सवाल-

- जिस समय लड़की की इज्‍जत तार-तार हो रही थी, तब मीडियाकर्मी ने वीडियो बनाने के बजाये उसे बचाया क्‍यों नहीं?
- अगर पत्रकार ने सबूत इकठ्ठा करने के लिये वीडियो बनाया था, तो वह वीडियो इंटरनेट तक कैसे पहुंचा?
- आधे घंटे में पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, तो तीन दिन तक कोई कार्रवाई क्‍यों नहीं की?
- आखिर कैमरामैन मौका-ए-वारदात पर कैसे पहुंचा? कहीं मामला प्रीप्‍लांड तो नहीं था?
- अगर वीडियो आ भी गया, तो टीवी चैनलों पर क्‍यों दिखाया गया? क्‍या टीआरपी के लिये मीडिया अपनी गरिमा भूल चुका है?
- सवाल ये है की क्या स्त्री होना गुनाह है? क्‍या बेटियों का घर से निकलना गुनाह है?
- क्‍या बेटियां किसी निजी समारोह में नहीं जा सकती?
- क्‍या बेटियां घर से बाहर निकलेंगी तो उन्‍हें हवास का शिकार बना लिया जायगा?
- अंतिम सवाल यह कि ऐसी वारदातों में दरिंदों को क्‍या सजा दी जानी चाहिये?

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English summary
After a media house shot footage of the girl being molested by a gang of men in Guwahati, questions are being raised both on media and police.
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