यूपी के थानों में महिलाओं की आबरू पर डाका

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Rapist Police in Uttar Pradesh
लखनऊ। इस खबर पर जरा गौर कीजिए क्‍योंकि बात यहां वर्दी में छुपे एक दरिंदे की हो रही है। दरअसल हुआ यह कि उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के माल थाने के दारोगा कामता प्रसाद अवस्‍थी ने एक महिला को थाने बुलाया। दारोगा साहब मामले को सलटाने का झांसा देकर महिला को कमरे में ले गये और फिर उसके साथ बलात्‍कार की कोशिश की।

मगर समय से पहले महिला ने दारोगा के गंदे इरादे को भांप लिया और अपनी आबरू बचाने के लिये दारोगा पर टूट पड़ी। उसने शोर मचाना शुरु किया और दारोगा के हाथ पर कई जगह दांतों से काट लिये। महिला ने गुस्‍से में दारोगा के कपड़े भी फाड़ दिये। बस क्‍या था बात गांव में फैली और गुस्‍साए ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर थाने पहुंच गये घेराव कर लिया। फिलहाल दोरागा अवस्‍थी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच के आदेश दे दिये गये हैं।

वहीं घटना की सूचना अफसरों को समय से न देने पर एसओ माल को भी निलंबित कर दिया गया है। जनता से अच्छा व्यवहार न करने के आरोप में सीओ मलिहाबाद को भी हटा दिया गया है। यह पहली बार नहीं है जब यूपी में खाकी के दामन पर दाग लगा हो। इससे पहले भी खाकी भी छिपे दरिंदों ने खाकी को छलनी किया है।

खाकी पर नाबालिग सोनम के खून की छीटें

उत्‍तर प्रदेश के लखीमपुर जनपद के निघासन थानार्न्‍तगत सोनम नामक नाबालिग लड़की की रेप के बाद हत्‍या कर दी गई थी। सोनम का शव थाने परिसर के ही एक पेड़ से लट‍कता हुआ मिला था। इस मामले में पूरे देश को झंकझोंर कर रख दिया था। पुलिस ने इस मामले में कांस्टेबल अतीक अहमद को गिरफ्तार किया था। अतीक तत्‍कालीन सीओ का गनर था। घटना का खुलासा करते हुए तत्‍कालीन कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने बताया था कि अतीक ने नाबालिग सोनम के साथ दुराचार का प्रयास किया था लेकिन जब सोनम ने शोर मचाया तो अतीक ने उसी के दुपट्टे से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी।

लखीमपुर खीरी थाने में लॉकअप में बंद ग्रामीण की मौत

उत्‍तर प्रदेश पुलिस के दामन पर एक और दाग उस समय लगा था जब सूबे के लखीमपुर खीरी थाने में पकड़कर लाए गए अधेड़ ग्रामीण की पुलिसवालों की पिटाई से मौत हो गई थी। शव को पुलिसकर्मी जिला अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे। प्राप्‍त जानकारी के अनुसार खीरी के लोनियनपुरवा गांव में 3 अप्रैल की रात खीरी थाने के तत्‍कालीन एसओ शिवाजी सिंह ने दल-बल के साथ भगवानी के घर पर दबिश दी थी। 55 वर्षीय भगवानी और उसके बेटे लालजी को थाने ले गए थे। दरअसल बच्चों के विवाद में भगवानी के सगे भाई सीताराम ने रिपोर्ट लिखाई थी। आरोप है कि पुलिस ने थाने में पिता-पुत्र की बेरहमी से पिटाई की। भगवानी ज्यादा देर पिटाई सहन नहीं कर सके थे। उनकी हालत बिगड़ गई थी और उन्होंने दम तोड़ दिया था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मामले को छुपाने की कोशिश की। पुलिसवालों ने भगवानी को डायरिया का रोगी बताकर शव जिला अस्पताल पहुंचा दिया।

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English summary
The accused officer, Kamta Prasad Awasthi, was earlier suspended after the allegation made by a 44-year-old woman, whom he had allegedly called at the police station on the pretext of questioning in connection with an old case.
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