लाख जतन कर लें रक्षा क्षेत्र में नहीं रुकेगी कमीशनखोरी

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लाख जतन कर लें रक्षा क्षेत्र में नहीं रुकेगी कमीशनखोरी

दिल्ली (ब्यूरो)। रक्षामंत्री एके एंटनी ने भले ही वीपीआईपी के लिए खरीदे गए हेलीकाप्टर मामले में रिपोर्ट तलब कर ली हो पर रक्षा क्षेत्र में कमीशन खोरी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला भी इटली से जुड़ा हुआ है इसलिए विपक्षी दलों ने परोक्ष और अपरोक्ष रूप से निशाना साधना शुरू कर दिया है। हालांकि 3500 करोड़ के रक्षा सौदे में 350 करोड़ यानी 10 फीसदी कमीशन की बात सामने आई है जिससे बोफोर्स की यादें ताजा हो गई हैं।

एक तरफ कांग्रेस जहां बुधवार को बोफोर्स सौदे की सच्चाई को लेकर से जूझ रही थी वहीं एक इटली की जांच एजेंसी ने कहा कि भारत द्वारा वीवीआईपी के लिए खरीदे गए हेलीकाप्टरों सौदे में एक स्विस सलाहकार को 350 करोड़ रुपये बतौर कमीशन दिया गया है जिससे भारतीय राजनीति में हड़कंप मच गया। फिर विपक्षी दलों में सरकार औऱ कांग्रेस पर हमला बोलना शुरू कर दिया।

भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, इस सरकार की परेशानियों में अक्सर कोई न कोई इटली कनेशन नजर आता है। साथ ही हमेशा ही इन सभी मामलों में सरकार अपनी स्थिति समझाने में विफल नजर आती है। वहीं माकपा ने भी इस मामले की जांच की मांग की है। पर देरशाम ही रक्षा मंत्री एके एंटनी 3500 करोड़ के इस सौदे पर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए कहा कि इसके सभी पहलुओं की जांच होगी। वैसे भी रोम में भारतीय राजदूत से इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।

उन्होंने कहा कि 2010 में जब इस बाबत इटली से समझौता हुआ था तो एक ईमानदारी के लिए भी समझौता हुआ था पर लग रहा है कि अगस्ता-वेस्टलैंड ने उस समझौता का पालन नहीं किया हालांकि 12 एडब्ल्यू-101 हेलीकॉप्टर सौदे में यदि ईमानदारी का पालन नहीं किया गया होगा तो यह समझौता रद्द भी हो सकता है।

उधर, रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कार ने कहा कि वायुसेना की कम्यूनिकेशन स्क्वाड्रन के लिए 12 वीवीआइपी हेलीकॉप्टरों के खरीद के लिए किए गए कांटरेंक्ट में शामिल है कि सौदे के लिए किसी भी मध्यस्थ का सहारा नहीं लिया जाएगा। शर्त के उल्लंघन की स्थिति में मंत्रालय कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

उधर, रक्षा मंत्रालय के ही एक अधिकारी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आप कितना भी संवेदनशीलता बरत लें पर इसमें कमीशन खोरी नहीं रूक सकती। यदि आप इसे रोकने का प्रयास करेंगे तो यह सौदा मूर्त रूप नहीं ले पाएगा।

English summary
Defense Minister A.K. Antony called for a fresh report from the Indian embassy in Rome on alleged malpractice in the Indian procurement of 12 helicopters for VVIP transport worth Rs 35.46 billion.
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