घोटाले की जानकारी देने मुजफ्फरनगर से लखनऊ पैदल आ रहे हैं विजय

मास्टर विजय सिंह भ्रष्टाचार के विरुद्ध तथा ग्राम सभाओं की सार्वजनिक कृषि भूमि को जबरन कब्जे से बचाने के लिये प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी कार्यालय में पिछले सोलह साल से धरना दे रहे हैं। सोलह साल पहले शुरू किये गये अहिंसात्मक गांधीवादी धरने के बाद विजय सिंह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सार्वजनिक भूमि घोटाले से अवगत करायेंगे।
उनकी मांग है कि प्रबुद्धनगर जिले के झिंझना इलाके के उनके गांव चौसाना चार हजार बीघा सार्वजनिक कृषि भूमि व अन्य सार्वजनिक स पत्ति को भू-माफियाओं से मुक्त करायी जाय तथा उसका नियंत्रण सरकार अपने हाथ में लेने के बाद उसे भूमिहीनों के बीच बांट दे। पिछले 16 वर्षो से लगातार जारी यह धरना सबसे लम्बा सत्याग्रह बन गया है, जो लिमका बुक आफ रिकार्डस व इंडिया बुक आफ रिकार्ड्स में दर्ज हो गया है।
मास्टर विजय सिंह ने इसी संदर्भ में अपने गांव चौसाना की 4575 बीघे कृषि भूमि पर शोध किया जिसमें चार हजार बीघे अनुमानित कीमत के अनुसार 120 करोड़ रुपये का घोटाला सामने ला दिया। इस जमीन की विभिन्न सरकारी जांचों में लगभग 32 सौ बीघा भूमि पर घोटाला सिद्ध हो चुका है। इस मामले में 136 मुकदमें दर्ज कराये जा चुके है। शासन के आदेश पर मात्र तीन सौ बीघे कृषि भूमि से जिला प्रशासन ने अवैध कब्जा हटवाया था।
वह आर्थिक तंगी व असुरक्षा के कारण अपने 136 मुकदमें की पैरवी नहीं कर पा रहे हैं। पचास वर्षीय मास्टर विजय ङ्क्षसह एक स्कूल अध्यापक थे। उन्होंनें कहा मैने एक आदमी को जूस का वेस्ट खाते देखा तथा एक भूखा बच्चा अपनी मां को कह रहा था कि किसी से आटा ले आ शाम को रोटी बना ले। इन दोनों भूखों की घटना ने मेरे मन को झकझोर दिया और जीवन की दिशा बदल दी।












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