चुनाव हारने के बाद बिखर गया गुलाबी गैंग

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लखनऊ। महिलाओं के मुददे पर महिलाओं का उग्र होना कम ही देखा जता है लेकिन गुलाबी गैंग देश का पहला ऐसा महिला संगठन था जिसने प्रशासन की नींद हराम कर दी थी। शरीर पर गुलाबी साड़ी और हाथों में डंडा जिसे देख पुलिस वाले भी सहम जाते थे लेकिन बुंदेलखण्ड का सशक्त महिला संगठन गुलाबी गैंग अब बिखर गया है।

संगठन के कमांडर सम्पत पाल के विधानसभा चुनाव हारने के बाद अब संगठन अपनी आखिरी सांसे ले रहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने नया संगठन खड़ा कर लिया है।

सम्पत पाल के चुनाव हराने के बाद गैंग के संयोजक जे.पी. शिवहरे ने वाइस कमांडर सुमन चौहान के नेतृत्व में डेमोक्रेटिक गुलाबी गैंग नाम से नया संगठन बना लिया है। अब पुराने पदाधिकारियों की परेशानियां बढ़ गयी हैं। इतिहास के पन्नों को पलटे और कुछ वर्ष पहले नजर डालें तो बुंदेलखण्ड के गांवों में गुलाबी गैंग का आतंक था।

आलम यह था कि इस संगठन की शाखाएं इटली और पेरिस तक बनने लगी थीं। कमाण्डर सम्पत पाल का नाम लंदन के अखबार द गार्जियन तक पहुंचा और पिछले वर्ष विश्व की सौ सशक्त प्रेरक महिलाओं में कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ श्री पाल को भी चयनित किया था। इसी के बाद स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध को नजरअंदाज कर सम्पत पाल को चित्रकूट जनपद की दस्यु प्रभावित विधानसभा सीट मऊ-मानिकपुर से टिकट थमा दिया, लेकिन वह चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सका।

चुनाव में सम्पत पाल को महज 23,003 मत मिले जिससे वह चौथे पायदान पर खिसक कर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के चंद्रभान सिंह पटेल से चुनाव हार गईं। सम्पत पाल का कहना है, जे.पी. ने मुझे नीचा दिखाने के लिए विपक्षी उम्मीदवारों से मिलकर चुनाव में मतदाताओं को गुमराह किया इसलिए उन्हें गैंग से हटा दिया गया।

सम्पत ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव हराने में दिल्ली के थॉमस नाम के एक पत्रकार की भी अहम भूमिका रही है। जे.पी. शिवहरे का कहना है कि चुनाव लडऩे के लिए कांग्रेस ने लगभग 35 लाख रुपये दिए थे, मतदान के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस कार्यालय लखनऊ से सम्पत के बेटे कामता पाल के हाथ नकद भेजे गए 15 लाख रुपये बचा लिए गए। यह रकम हजम करने की नीयत से मुझ पर चुनाव हराने के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप प्रत्यारोप के बीच उन्होंने सम्पत की वाइस कमांडर रहीं सुमन सिंह चौहान की अगुआई में डेमोकेट्रिक गुलाबी गैंग नाम का नया महिला संगठन बना लिया।

English summary
The Gulabi Gang in Bundelkhand has now loosing its ground in the area after loosing in UP Assembly Elections.
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