यूरोपीय देशों में आतंकी हमले को लेकर एक और चेतावनी

 
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यूरोपीय देशों को लेकर और चेतावनी

कुछ यूरोपीय देशों में पहले चरमपंथी हमले हो चुके हैं

अमरीका और ब्रिटेन के बाद कई अन्य देशों ने यूरोप में चरमपंथी हमलों की आशंका जताते हुए अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की है. इसमें कहा गया है कि यूरोपीय देशों में अल-क़ायदा और उससे जुड़े संगठन हमले कर सकते हैं.

नई चेतावनी जारी करने वाले देशों में जापान और स्वीडन हैं. पिछले सप्ताहांत पर अमरीका और फिर ब्रिटेन ने अपने नागरिकों से कहा था कि वे यूरोप में रहते हुए या यात्रा करते हुए सावधान रहें.

चेतावनी में कहा गया है कि मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमलों की तरह ही कमांडो शैली में हमले हो सकते हैं. जापान के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का उपयोग करते समय और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर सावधान रहें.

ब्रिटेन ने अपनी चेतावनी में कहा है कि जर्मनी और फ़्रांस में ऐसे हमले होने की आशंका अधिक है. लेकिन जर्मनी के आतंरिक सुरक्षा मामलों के मंत्री थॉमस डी मैज़िएरे ने कहा है कि उनके देश में ऐसे हमलों के कोई संकेत नहीं हैं.

दूसरी ओर अमरीका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर ने कहा है कि अमरीका में सीधे हमले होने का कोई ख़तरा नहीं है. उन्होंने कहा है कि जो सूचना मिली है उससे यूरोप में हमलों के संकेत मिल रहे हैं लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि अमरीका अपनी सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढील देने जा रहा है.

अमरीकी विदेश विभाग ने अपनी चेतावनी में किसी देश विशेष का नाम नहीं लिया था और इसे समूचे यूरोप पर लागू किया था. सुरक्षा सूत्रों ने चेतावनी दी है कि अल-क़ायदा भीड़ भाड़ वाले पर्यटन स्थलों पर आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए बंदूकधारी दलों को भेजने की योजना बना रहा है.

यूरोपीय अधिकारियों ने गिरफ़्तारियाँ नहीं की हैं लेकिन बहुत से लोगों पर नज़र रखी जा रही है. संदेह के घेरे में पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिक और अफ़ग़ान मूल के जर्मन नागरिक शामिल हैं.

कहा गया है कि इन हमलों की योजना शायद हाल में पाकिस्तान में अल-क़ायदा चरमपंथियों पर हुए अमरीकी ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है.

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