राष्ट्रपति की अपील, शांति के लिए अतिवाद से बचें
शांति और सद्भाव के स्मारक 325 फीट लंबे विपासना पगोडा को समर्पित करते हुए पाटिल ने कहा कि किसी भी चीज की अति नुकसानदायक होती है।
उन्होंने कहा कि अपने उपभोग और दृष्टिकोण को व्यक्त करने में हमें संयमित और संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
भगवान बुद्ध की सभी मनुष्यों के एक होने की शिक्षा का उल्लेख करते हुए पाटिल ने कहा कि लोग अपने मस्तिष्क में भेद उत्पन्न करते हैं और विश्वास करते हैं कि वे सत्य हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज ये कथित भेद लोगों को विभाजित कर रहे हैं। घृणा की एक पूरी विचारधारा का हिंसा और आतंकवाद के उपकरणों के साथ प्रसार किया जा रहा है। इससे कई परिवार नष्ट हो गए। दुनिया में शांति लाकर हिंसा और आतंकवाद को पराजित किया जाएगा।
पाटिल ने कहा कि वैश्विक विपासना पगोडा संघर्ष, तनाव और दबाव से भरी दुनिया में लोगों को आवश्यक शांति और प्रसन्नता का स्थान प्रदान करेगा।
इससे पहले राष्ट्रपति ने दुनिया के सबसे लंबे 325 फीट लंबे पगोडा का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल एस.सी.जमीर, केंद्रीय मंत्री शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, राज्य के उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल, प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके पति राबर्ट वाड्रा, कई अन्य मंत्री और विदेशी मेहमानों के साथ वैश्विक विपासना फाउंडेशन के संस्थापक एस.एन.गोयनका और अध्यक्ष सुभाष चंद्रा उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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