English বাংলা ગુજરાતી ಕನ್ನಡ മലയാളം தமிழ் తెలుగు
Filmibeat Hindi

अधर में महिला आरक्षण विधेयक

 
अधर में महिला आरक्षण विधेयक

इस बात को संसदीय स्थायी समिति ने स्पष्ट की है जिसे महिला आरक्षण विधेयक की जाँच पूरी करने के लिए तीसरी बार अतिरिक्त समय दिया गया है.

समिति का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेसी सांसद ईएम सुदर्शन नचिअप्पन कर रहे हैं. समिति को पिछला विस्तार संसद के अगले सत्र के अंत तक का मिला था जो संभवतया फ़रवरी में होगा.

इस विधेयक की जाँच करने वाली इस समिति को यह विधेयक पिछले साल मई में दिया गया था. इसके बाद इसे दो विस्तार मिले. पिछला विस्तार संसद के मानसून सत्र के अंत तक था जो 23 दिसंबर तक चला.

संविधान संशोधन विधेयक

राज्यसभा के सचिवालय ने कहा, "राज्यसभा के अध्यक्ष ने समिति को विधेयक की रिपोर्ट पेश करने के लिए एक बार फिर संसद के अगले सत्र के अंत तक का विस्तार दिया है."

इस विधेयक के रास्ते में कई तकनीकी परेशानियाँ हैं क्योंकि यह संविधान में संशोधन करने वाला विधेयक है.

इस विधेयक पर आम सहमति बनाने के इच्छुक नचिअप्पन ने कहा कि समिति इस मुद्दे पर और ज़्यादा सलाह लेने के लिए कुछ राजनीतिक दलों के साथ अभी कुछ और राज्यों का दौरा करेगी.

प्रतियाँ फाड़ी गईं

ग्यारहवीं लोकसभा में पहली बार विधेयक पेश हुआ था तो उस समय उसकी प्रतियां फाड़ी गई थीं.

इसके बाद 13वीं लोकसभा में भी तीन बार विधेयक पेश करने का प्रयास हुआ, लेकिन हर बार हंगामे और विरोध के कारण ये पेश नहीं हो सका था.

ग़ौरतलब है कि महिला आरक्षण विधेयक में संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित किए जाने की व्यवस्था है.

महिला आरक्षण विधेयक एक संविधान संशोधन विधेयक है और इसलिए इसे दो तिहाई बहुमत से पारित किया जाना ज़रूरी है.

कमेंट करें
Subscribe Newsletter
Videos You May Like
Online Bus Ticket Booking