श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों से दहला जयपुर, 60 मृत

बीस मिनट के अंतराल पर त्रिपोलिया बाजार, मानस चौक, बड़ी चौपाल, छोटी चौपाल और जौहरी बाजार क्षेत्रों में सिलसिलेवार सात बम धमाके हुए।
वर्ष 2006 के जुलाई महीने में हुए मुंबई बम धमाकों के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी आतंकवादी घटना मानी जा रही है। मुंबई धमाकों में 180 से अधिक लोग मारे गए थे।
राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त रोहित सिंह ने आईएएनएस को बताया कि धमाकों में कम से कम 60 लोग मारे गए हैं और सौ से अधिक घायल हुए हैं।
राजस्थान के पुलिस प्रमुख ए. एस. गिल ने आईएएनएस को बताया, "आप इसे आतंकवादी घटना कह सकते हैं। इस हादसे में बहुत लोगों की जान गई है।"
गृह मंत्री के अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न इलाकों में हुए बम विस्फोटों में साइकिल का इस्तेमाल किया गया था। विस्फोट में इस्तेमाल किए गए बमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए फोरेंसिक जांच दल को भेजा गया है।
गृह मंत्री के एक अधिकारी ने बताया, "अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसमें कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल किया गया था लेकिन हो सकता है कि इसमें आरडीएक्स या फिर अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया हो।"
राजस्थान के मुख्य सचिव बी. सी. सावंत ने कहा कि धार्मिक लिहाज से जयपुर के सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सीमा बल तैनात किया गया है।
उधर, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना की निंदा की है।
लक्ष्मी नारायण नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। कई लोग इस धमाके में बुरी तरह घायल हो गए।
उक्त प्रत्यक्षदर्शी भी इस धमाके में घायल हो गया। पास के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसने बताया, "मैं मानस चौक के पास खड़ा था। इतने में एक जोरदार बम धमाका हुआ।"
पूर्वोत्तर के राज्यों के दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल को जैसे ही घटना की जानकारी मिली वह अपने दौरे को बीच में ही छोड़ जयपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। वह धमाके के स्थलों का दौरा करेंगे और विस्फोटों का जायजा लेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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