शनि जयंती (25 मई 2017): संकट होंगे दूर अगर करेंगे ये उपाय

By: पं. गजेंद्र शर्मा
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नई दिल्ली। नवग्रहों में शनि का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे लोग भी भयभीत हो जाते हैं, लेकिन शनि हर किसी के लिए बुरे नहीं होते। वे न्यायाधीश हैं। इंसान के अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से उन्हें दंड देते हैं। जिस व्यक्ति के बुरे कर्म हों, चोरी, लूट, अनैतिक कार्यों से धन अर्जित करते हों, स्त्रियों का सम्मान न करते हों, माता-पिता को दुखी करते हों उन्हें शनि भयंकर दंड देते हैं, लेकिन धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति, अपने परिश्रम और ईमानदारी से धन अर्जित करने वाले को शनि देव प्रिय होते हैं और उन्हें मनचाही वस्तुएं, भौतिक सुख, मानसिक शांति प्रदान करते हैं।

शनिदेव के कृपा पात्र बन सकते हैं

यूं तो शनि देव को प्रसन्न करने के लिए प्रत्येक शनिवार को लोग अपनी-अपनी मान्यता और श्रद्धा-भक्ति के अनुसार दान, पूजा करते हैं, लेकिन शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए शनि जयंती से अच्छा कोई और दिन नहीं। इस दिन शनि से संबंधित उपाय करके आप भी शनिदेव के कृपा पात्र बन सकते हैं।

शनैश्चरी अमावस्या

शनैश्चरी अमावस्या

उत्तर भारतीय पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार शनि जयंती ज्येष्ठ मास की अमावस्या को आती है। इस बार यह 25 मई 2017, गुरुवार को आ रही है। शनि जयंती को शनैश्चरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह शनिदेव के जन्म का दिवस है, इसलिए इस दिन की गई पूजा, दान, हवन से शनिदेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

शनि जयंती का महत्व

शनि जयंती का महत्व

शनि को क्रूर ग्रह जरूर माना जाता है, लेकिन वे केवल उन्हीं लोगों को दंड देते हैं जो बुरे कर्मों में लिप्त रहते हैं। शनि जयंती का महत्व उन लोगों के लिए ज्यादा बढ़ जाता है, जिनकी जन्म कुंडली में शनि बुरे प्रभाव दिखा रहा हो। जिन्हें शनि की साढ़ेसाती, ढैया चल रही हो। इन सब स्थितियों के कारण व्यक्ति भयंकर मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियों से जूझता है। दांपत्य जीवन संकटपूर्ण रहता है और समस्त कार्यों में उसे असफलता हाथ लगती है।

शनि जयंती पर क्या करें?

शनि जयंती पर क्या करें?

  • शनिदेव को खुश करने और उनके बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए व्यक्ति को शनि जयंती के दिन ये उपाय करना चाहिए:
  • शनि जयंती के दिन उपवास करें। शनि मंदिर जाएं और तेलाभिषेकम करें।
  • शनि की शांति के लिए शनि शांति पूजा और शनि यज्ञ करवाएं।
  • भिखारियों, जरूरतमंदों, कोढ़ी लोगों को भोजन करवाएं।
  • इस दिन स्वयं या योग्य पंडितों द्वारा शनि के 23 हजार जाप भी करवाएं।
अंगूठी धारण करें

अंगूठी धारण करें

  • शनि जयंती के दिन घोड़े की नाल से बनी अंगूठी धारण करें।
  • तेल, लोहे की कील, काले तिल, काला कपड़ा, काले उड़द शनिदेव की प्रतिमा पर अर्पित करें।
  • शनि जयंती के दिन नवग्रह शांति पूजा कुंडली के समस्त दोषों का निवारण करने में सक्षम है।
  • इस दिन शनि यंत्र की स्थापना करें।
  • परिवार में कोई सदस्य लगातार बीमार रहता हो तो शनि पूजा के साथ महामृत्युंजय जाप करवाएं।
  • ओम शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करें।
क्या होगा लाभ?

क्या होगा लाभ?

  • शनि की अनुकूलता से व्यक्ति पर से साढ़ेसाती, ढैया और कुंडली में मौजूद कमजोर शनि का प्रभाव समाप्त होता है।
  • कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं। व्यापारियों को तरक्की, नौकरीपेशा को पदोन्नति मिलती है।
  • दांपत्य जीवन में आ रही परेशानियां समाप्त होती हैं।
  • जिन लोगों की बार-बार वाहन दुर्घटना हो रही हो, बीमारियों से परेशान हैं। उन्हें शनि शांति पूजा से राहत मिलती है।
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English summary
Shani Jayanti is marked as birth anniversary of Lord Shani. Shani Jayanti is also known as Shani Amavasya. Lord Shani is son of Lord Suryadev and rules planet Saturn and weekday Saturday.
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