आखिर क्यों चंद्रग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है?

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नई दिल्ली। साल 2017 का दूसरा चंद्रग्रहण 7 or 8 अगस्त (सोमवार) को पड़ने वाला है। हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। मत्स्य पुराण के अनुसार ग्रहण काल में ईश्वर की आराधना करनी चाहिए। यहां तक कि इस दौरान लोगों को कोई भी शुभ काम करने से रोका जाता है।

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हालांकि ये एक खगोलीय घटना है लेकिन भविष्यपुराण, नारदपुराण आदि कई पुराणों में चन्द्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण से संबंधित बातें लिखी हैं जिसमें कहा गया है कि इस दौरान किये गये काम से इंसान का नुकसान और अहित ही होता है इसलिए चंद्रग्रहण से पहले और ग्रहण तक हर अच्छे काम को करने से रोका जाता है।

कहां-कहां दिखेगा ग्रहण

भारत समेत यूरोप के ज्यादातर हिस्सों में, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, पूर्वी दक्षिण अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक, हिंद महासागर, अंटार्कटिका में की ज्यादातर एरिया में । इस ग्रहण की अवधि 5 घंटे एक मिनट होगी आंशिक ग्रहण की अवधि 1 घंटे, 55 मिनट है।

ग्रहण का समय

  • खंडच्छायायुक्त ग्रहण शुरू: 7 अगस्त, 21:20:01 pm IST 
  • आंशिक ग्रहण : 7 अगस्त, 22:52:56 pm IST 
  • अधिकतम ग्रहण: 7 अगस्त, 23:50:29 pm IST 
  • आंशिक ग्रहण समाप्त: 8 अगस्त, 00:48:09 am IST 
  • खंडच्छायायुक्त ग्रहण समाप्त: 8 अगस्त, 02:20:56 am IST
  • आखिर क्यों चंद्रग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है?
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English summary
Lunar Eclipses occurs when Sun, Earth and Moon are aligned in such a way that moon passes directly behind the earth and earth is in the middle of sun and moon blocking moon.
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