गुरू के परिवर्तन से क्या पड़ेगा आप पर और देश-दुनिया पर असर

By: पं. अनुज के शुक्ल
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लखनऊ। दार्शनिकता के प्रतीक गुरू बृहस्पति लोगों को ज्ञान, शिक्षा, न्याय, परोपकार, सेवा करने के लिए प्रेरित करते रहते है। सभी ग्रह बृहस्पति को अपना गुरू मानते है, इसलिए गुरू प्रधान वाला व्यक्ति हमेशा दूसरों को उपदेश और ज्ञान बांटा करता है। बृहस्पति ग्रह सभी ग्रहों के सम्मलित आकार से भी बड़ा है, इसलिए इसे गुरू कहा जाता है। इसका व्यास 9,86,720 मील माना जाता

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यह पृथ्वी से लगभग 36,70,00,000 मील की दूरी तक आ जाता है। बृहस्पति की गति 8 मील प्रति सैकिण्ड है। यह अपनी धुरी पर प्रायः 10 घण्टों में धूमता है अथवा 12 वर्ष में एक प्रदिक्षणा पूरी कर लेता है। गुरू एक राशि में एक वर्ष तक भ्रमण करता है।

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विक्रम संवत् 2073 में श्रावण मास शुक्ल पक्ष दिनांक 11 अगस्त 2016 ई0 को, धनु राशिस्थ चन्द्रमा के समय गुरू रात्रि 9:27 मिनट पर कन्या राशि में में गोचर करना प्रारम्भ करेगा एंव पूरे वर्ष कन्या राशि में ही संक्रमण करता रहेगा।

कन्या भोगे गुरोर्जाते मेघनामतमस्तमः।

भाद्रसम्वत्सरतत्रसप्तमासाश्चरौरवम्।।

कन्या राशि में गुरू के आने से 'तमनामक' नामक मेघ बरसाता है। संक्रमण के प्रथम सात मासों तक जनता में पीड़ बनी रहती है।

चतुष्पदानां पीडापि गोधूमाः शालिशर्करा।

तेलमाषामहर्घणि गुड-अदिक्षुरसस्तथा।।

चौपायों (अश्व, गज, गाय आदि) को पीड़ा होती है। आधुनिक काल में इनकी संज्ञा यातायात के साधनों (रेल,राजमार्ग आदि) को समझनी चाहिए। ट्रक, रेल, बस आदि के शुल्क में वृद्धि से जन-सामान्य को कष्ट एंव पीड़ा होगी। गेंहूॅ, धान्य, शक्कर, तेल ,उड़द, ईख, गुड़ आदि की उपज में कमी के कारण महंगाई होती है। वस्त्र एंव कच्ची धतु में मंदी आती है। धान्य संग्रह करने से भाद्रपद मास में व्यापारिक लाभ होने की सम्भावना रहती है।

कन्या राशि के गुरू में शूद्र एंव अन्त्यजों (समाज के पिछड़े एंव अशिक्षित वर्ग) को कष्ट मिलता है। दक्षिण भारत में खण्डवृष्टि के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। पाकिस्तान एंव अफगानिस्तान में एक वर्ष के अन्दर छत्रभंग की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

आईये जानते हैं क्या होगा असर आपकी राशियों पर...

मेष

मेष

मेष राशि को स्वर्णपद प्राप्त है। कुछ लोगों की परिस्थितियाॅ विपरीत होने पर भी नियन्त्रण बना रहेगा। अधिक श्रम से बचें वरना स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है। सार्वजनिक क्षेत्र में सफलता के आसार है। स्वास्थ्य सेवा करने से गुरू अच्छा फल देगा।

वृष

वृष

वृष राशि को ताम्रपद प्राप्त है। आमदनी में वृद्धि होगी। कुछ लोगों के धनागम के स्रोत बढ़ेगे। नयें व्यवसाय में लाभ मिलेगा। नवीन आवास, गृह निर्माण या नौकरी पेशा से जुड़े लोगों का स्थानान्तरण हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है।

मिथुन

मिथुन

मिथुन राशि को स्वर्णपद प्राप्त है। बहुत सारे लोगों के जीवन में विपरीत परिस्थितियां बनी रहेगी। महिलायें गृह प्रपचं को लेकर परेशान रहेगी। पिता से विरोध व वाहन सुख में कमी रहेगी। आय की अपेक्षा व्यय अधिक बना रहेगा।

कर्क

कर्क

कर्क राशि को रजतपद प्राप्त है। अनेक क्षेत्र में विरोध की स्थितियां बनने की आशंका है। नौकरी व व्यवसाय में बाधा के संकेत नजर आ रहें है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। कठिन श्रम से ही सफलता प्राप्त होगी।

सिंह

सिंह

सिंह राशि को लौहपद प्राप्त है। उदासी व नीरसता दूर होने का समय आ गया है। अध्ययन व व्यवसाय में पूरे मन से काम करेंगे। इष्ट-मित्र, सन्तान पक्ष व जीवन साथी से सहयोग मिलेगा। कुछ लोगों को धन, वस्त्रादि का लाभ होगा।

कन्या

कन्या

कन्या राशि को ताम्रपद प्राप्त है। इस समय आप खान-पान की थोड़ी सी सावधानी से अरोग्यता का लाभ ले सकते है। विद्यार्थियों को प्रातिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। अजीविका विहीन लोगों को रोजगार के साधन मुहैया होंगे। आत्म-विश्वास बढेगा जिससे निर्णय क्षमता में तेजी आयेगी।

तुला

तुला

तुला राशि को रजतपद प्राप्त है। कुछ लोगों को आलस्य, लापरवाही, संगतिदोष दोष से असफलता का सामना करना पड़ेगा। प्रयत्न पूर्वक धन व सम्मान की रक्षा करनी चाहिए। राजकीय अधिकारियों से मन-मुटाव की स्थिति पैदा हो सकती है।

वृश्चिक

वृश्चिक

वृश्चिक राशि को स्वर्णपद प्राप्त है। रोजगार में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ विवेक से काम लेने की आवश्यकता है। धन का थोड़ा सा उपयोग धर्म के क्षेत्र में भी करें जिससे कष्टों का निवारण होगा। विद्यार्थी अपने लक्ष्य से भटक सकते है। अतः अभिवावक ध्यान दें।

धनु

धनु

धनु राशि को लौहपद प्राप्त है। राजकीय कार्यो में आशा के अनुरूप कार्य सफल होने की उम्मीद है। अल्प श्रम से ही कुछ कार्य पूर्ण होंगे। आर्थिक स्थिति में पहले की अपेक्षा मजबूती आयेगी। माता का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, जिसको लेकर आप काफी चिन्तित रहेंगे।

मकर

मकर

मकर राशि को स्वर्णपद प्राप्त है। धार्मिक अभिरूचि में वृद्धि होगी। गुरूजनों के प्रति आदर एंव तीर्थाटन के योग बन रहें है। सोंच समझकर लिये निर्णयों से लाभ की सम्भावना बलवती होगी। सार्वजनिक व राजनैतिक जीवन में प्रगति की सम्भावना है। भाग्य पक्ष में वृद्धि होगी।

कुम्भ

कुम्भ

कुम्भ राशि को ताम्रपद प्राप्त है। कुछ लोगों को अचानक विपत्तियों का सामना करना पड़ सकता है। धन हानि एंव पैतृक सम्मपत्ति में कमी आने के संकेत नजर आ रहे है। विविध प्रकार के रोग आप पर आक्रमण कर सकते है। अतः सावधानी बरतें। धन की यत्न से सुरक्षा करें।

मीन

मीन

राशि को रजतपद प्राप्त है। कुछ लोगों की प्रतिकूल परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होगा। रूके हुये कार्य पूर्ण होंगे। कर्ज, ब्याज आदि से बचना होगा अन्यथा मुसीबत में फॅस सकते है।

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English summary
Jupiter will enter Virgo on 11th August 2016. Effect of Jupiter transit in Virgo from 11th August 2016 on your Rashi.
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