परेशानियों से छुटकारा दिलाता है पंचमुखी रुद्राक्ष

Written by: पं. अनुज के शुक्ल
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Panch Mukhi Rudraksha
पाँच मुखी रूद्राक्ष का साक्षात स्वरूप कलाग्नि रूद्र है। इस रूद्र्राक्ष की प्रशंसा एंव महत्ता शास्त्रों में वर्णित हैं। पाँचमुखी रूद्राक्ष को धारण करके अनेक प्रकार की व्याधियों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। जो निम्नलिखित हैं-

1-पाँचमुखी रूद्राक्ष को शरीर में धारण करनें से व्यक्ति में जीवन के प्रति संघर्ष व धैर्य की क्षमता में वृद्धि होती है।

2-किसी व्यापक समस्या में उलझे मनुष्यों को पाँचमुखी रूद्राक्ष धारण करने से समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

3- जो व्यक्ति अपने मन की बात कहने में संकोच करते है अथवा संकोची स्वभाव के होते है। ऐसे लोगों को पाँचमुखी रूद्राक्ष धारण करने से उनकी प्रतिभा व व्यक्तित्व में निखार आता है।

4- जो लोग अधैर्य या जल्दबाजी में गलत निर्णय ले लेते है, और बाद में अफसोस करते है। ऐसे लोगों को पाँचमुखी रूद्राक्ष करने से लाभ मिलता है।

5- राजनीति से जुड़े व्यक्तियों को पाँचमुखी रूद्राक्ष पहनने से उनके नेतृत्व में गजब का निखार आता है।

6- बृहस्पति ग्रह से जनित दोषों के निवारण हेतु पाँचमुखी रूद्राक्ष धारण करना काफी कारगर सिद्ध होता है।

7-हाईब्लड प्रेशर के रोगियों को पाँचमुखी रूद्राक्ष को चांदी में जड़वाकर कण्ठ में धारण करने से उच्च रक्त चाप नियन्त्रित रहता है।

धारण विधि- किसी भी महीने की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा इन तीनों दिन में पाँचमुखी रूद्राक्ष को शिवलिंग के साथ रखकर गंगा जल और कुश से निम्न मन्त्र- "नमः शिवाय" से जल छिड़के। तत्पश्चात चन्दन का तेल लगाकर मन्त्र 1 माला का जाप करें।

हवन मन्त्र-
''ओइम् भूर्भवः स्वः त्रयम्ब यजामहे सुगिन्धं पुष्टिवर्धनम्।
उव्र्वारूकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात् ओइम् भूर्भव स्वः।।

इस मन्त्र से 11 बार स्वाहा बोलकर एंव अग्नि हवन की 5 बार प्रदिक्षणा करके पाँचमुखी रूद्राक्ष को धारण करने से अवश्य लाभ मिलता है।

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English summary
Our Astrologer is telling you about Rudraksha and its significance in indian Astrology. Today we are going to tell about Panch Mukhi Rudraksha.
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