क्या है मकर संक्रांति और पतंग का कनेक्शन, क्यों उड़ती है खिचड़ी पर गुड्डी?

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

लखनऊ। मकर संक्रांति पर्व का इंतजार केवल दान-पुण्य के लिए ही नहीं होता बल्कि गजक-मूंगफली और पंतग उड़ाने के लिए भी होता है। इसलिए इस दिन का बेसब्री से इंतजार बच्चे और युवा करते हैं क्योंकि इस दिन उन्हें दिल खोलकर पतंग उड़ाने का मौका जो मिलता है। बड़े-बूढ़े भी इस दिन बच्चों को पतंग उड़ाने से रोकते नहीं है।

मकर संक्रांति 2017 का शुभ मुहूर्त और महत्व

उत्तर भारत में तो पंतग को गु्ड्डी भी कहते हैं लेकिन क्या कभी आपने सोचा कि इस पर्व पर पतंग उड़ाने का रिवाज क्यों हैं, अगर नहीं तो आज हम आपको इसका राज बताते हैं।

पतंग खुशी, उल्लास, आजादी और शुभ संदेश की वाहक

दरअसल मान्यता है कि पतंग खुशी, उल्लास, आजादी और शुभ संदेश की वाहक है, संक्रांति के दिन से घर में सारे शुभ काम शुरू हो जाते हैं और वो शुभ काम पतंग की तरह ही सुंदर, निर्मल और उच्च कोटि के हों इसलिए पतंग उड़ाई जाती है। काम की शुभता के लिए तो कहीं-कहीं लोग तिरंगे को भी पतंग रूप में इस दिन उड़ाते हैं।

नयी सोच और शक्ति

पतंग उड़ाने से दिल खुश और दिमाग संतुलित रहता है, उसे ऊंचाई तक उड़ाना और कटने से बचाने के लिए हर पल सोचना इंसान को नयी सोच और शक्ति देता है इस कारण पुराने जमाने से लोग पतंग उड़ा रहे हैं।

सूरज की रोशनी के लिए

सर्दी के दिनों में सूरज की रोशनी बहुत जरूरी होती है इस कारण भी लोग पतंग उड़ाते हैं। ऐसा माना जाता है मकर संक्रांति के दिन से सूरज देवता प्रसन्न होते हैं इस कारण लोग घंटो सूर्य की रोशनी में पतंग उड़ाते हैं, इस बहाने उनके शरीर में सीधे सूरज देवता की रोशनी और गर्मी पहुंचती है, जो उन्हें सीधे तौर पर विटामिन डी देती है और खांसी, जुकाम से बचाती है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
The custom of flying kites is associated with Makar Sankranit. People fly kites on this day because by doing it unknowingly they receive the benefits of sun exposure.
Please Wait while comments are loading...