कौन था 'जटायु', पीएम मोदी ने क्यों दी उसके जैसे बनने की सलाह?

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लखनऊ। 11 अक्टूबर को भारत के इतिहास में पहली बार देश के किसी प्रधानमंत्री ने लखनऊ के ऐशबाग में रावण दहन किया और इसके बाद पीएम मोदी ने अपने भाषण से इस पल को यादगार बना दिया।

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सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार पीएम मोदी ने सार्वजनिक मंच से कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अब कुछ सहेगा नहीं और नापाक इरादे रखने वालों को मुंह तोड़ जवाब देगा क्योंकि इतिहास गवाह है कि 'जटायु' आतंकवाद से लड़ने वाला पहला व्यक्ति था, जिसने लोगों को ये सीख दी कि अपमान सहने से अच्छा है कि अपनी जान न्यौछावर कर दो, इसलिए वक्त आ गया है कि हर इंसान अब 'जटायु' बन जाए।

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पीएम मोदी के भाषण के बाद हर किसी के मन में यही सवाल कौंध रहा है कि आखिर कौन था 'जटायु', जिसका जिक्र रामायण में और पीएम मोदी ने अपने भाषण में किया है।

तो आईये आपको बताते हैं हम विस्तार से जटायु के बारे में...

कौन था 'जटायु'?

'जटायु' रामायण का एक प्रसिद्ध चरित्र है। जब रावण धोखे से सीता का हरण करके लंका ले जा रहा था तो जटायु ने सीता को रावण से छुड़ाने का प्रयत्न किया था। इससे क्रोधित होकर रावण ने उसके पंख काट दिये थे जिससे वह भूमि पर जा गिरा। जब राम और लक्ष्मण सीता को खोजते-खोजते वहां पहुंचे तो 'जटायु' से ही सीता हरण का पूरा विवरण उन्हें मिला था। बाल्मिकी की 'रामायण' और तुलसीदास की 'रामचरित मानस' दोनों में इस बात का जिक्र है।

रामायण में अहम रोल

  • कहा जाता है कि लंका तक पहुंचने का रास्ता 'जटायु' के भाई 'सम्पाति' ने ही राम को बताया था।
  • भगवान राम ने घायल जटायु की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार किया था। जिस जगह जटायु का अंतिम संस्कार हुआ था, वह जगह अब केरल के कोल्लम जिले में है।
  • जहां  अब जटायु नेचर पार्क के नाम से जटायु का स्कल्पचर भी लगाया गया है।

क्यों लिया पीएम मोदी ने 'जटायु' का नाम?

  • पीएम मोदी ने  कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पहली लड़ाई जटायु ने लड़ी थी क्योंकि उन्होंने नारी के सम्मान के खिलाफ आवाज उठाई थी।
  • नारी का सम्मान नहीं करना भी आतंकवाद का दूसरा रूप है इसलिए हम सभी को अब जटायु बनना होगा और अपने चारों ओर हो रहे महिला अपमान के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
  • सीता का अपमान तब ही होता है जब हम कन्या भ्रूण हत्या करते हैं, हमें कोख में मारी जाने वाली लड़कियों को बचाने का प्रण करना होगा।
  • हिंदू हो, मुस्लमान हो, सिख हो या ईसाई हो, किसी भी संप्रदाय के क्यों ना हों बेटियों की रक्षा  हर धर्म में होनी चाहिए।
  • दुराचार भी आतंकवाद का एक रूप हैं, इन्हें खत्म करने के लिए हमें संकल्पबद्ध होना पड़ेगा, रावण का हश्र आपके सामने है इसलिए नारी का सम्मान करो।
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English summary
The Ramayana tells us that the first to fight terrorism was Jatayu, for the sake of a woman’s honour. We might not be able to embody Ram, but we could try to be like Jatayu said PM Narendra Modi.
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